हाल के दिनाें में साेशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि ज्यादा दूध पीने से हड्डियां कमजाेर हाे सकती हैं और ऑस्टियाे-पाेराेसिस का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि, हड्डी राेग विशेषज्ञ इस दावे काे भ्रामक बताते हैं.
मुंबई के एस. एल. रहेजा अस्पताल के वरिष्ठ ऑर्थाेपेडिक सर्जन डाॅ. वैभव कासाेदेकर के अनुसार, यह भ्रम ‘एसिड-ऐश हाइपाेथिसिस’ से जुड़ा है. इस सिद्धांत के अनुसार, डेयरी उत्पाद शरीर में अम्लता बढ़ाकर हड्डियाें से कैल्शियम खींचते हैं. हालांकि, वैज्ञानिक शाेध इसकी पुष्टि नहीं करते. इसके विपरीत पर्याप्त कैल्शियम के साथ लिया गया प्राेटीन हड्डियाें काे मजबूत बनाने में मदद करता है. ऑर्थाेपेडिक विशेषज्ञ डाॅ.
निखिल जाधव कहते हैं कि दूध और हड्डियाें के घनत्व के बीच सकारात्मक संबंध देखा गया है. ऑस्टियाे-पाेराेसिस के कई कारण हाेते हैं.
मसलन, बढ़ती उम्र, रजाेनिवृत्ति के बाद हार्माे नल बदलाव, विटामिन-डी, कैल्शियम की कमी, शारीरिक निष्क्रियता, धूम्रपान व शराब का सेवन व आनुवंशिक कारण आदि.
मजबूत हड्डियाें के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त धूप भी उतनी जरूरी हैं. दूध कैल्शियम, प्राेटीन व फाॅस्फाेरस का अच्छा स्राेत है. हालांकि, जरूरत से ज्यादा सेवन उचित नहीं है. इसमे अपच आदि की समस्या हाे सकती हैं. लैक्टाेज एलर्जी अगर है, ताे खास ध्यान दें.