आकुर्डी, 26 अगस्त (आ.प्र.)
थेरगांव और चिंचवड़ क्षेत्र की घनी आबादी से हाेकर गुजरने वाले एचसीएमटीआर (रिंग राेड) मार्ग तथा चाैड़ी सड़काें के प्रस्तावित आरक्षण काे रद्द करने की जाेरदार मांग सुनवाई के दाैरान आपत्तिकर्ताओं ने की. इस आरक्षण का विराेध करने के लिए उस क्षेत्र के नागरिकाें की आकुर्डी में भारी भीड़ जमा हुई थी.
मनपा के संशाेधित प्रारूप विकास याेजना पर आईं कुल 56,771 आपत्तियाें पर 3 अगस्त से ग. दि. माडगूलकर नाट्यगृह में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है.
लगभग एक वर्ष के लंबे इंतजार के बाद यह सुनवाई प्रक्रिया शुरू हुई है.
पहले चरण में पिंपरी क्षेत्र के आरक्षणाें पर सुनवाई की गई. अब थेरगांव क्षेत्र के आरक्षणाें के संबंध में सुनवाई ली जा रही है. इस सुनवाई के दाैरान नागरिकाें की भारी भीड़ उमड़ी थी. नागरिकाें ने आरक्षण काे रद्द कर राहत देने की मांग करते हुए सुनवाई के दाैरान अपना पक्ष मजबूती से रखा. एचसीएमटीआर (रिंग राेड) तथा प्रस्तावित चाैड़ी सड़काें के आरक्षण के कारण कई नागरिक प्रभावित हाेंगे. इसलिए आपत्तिकर्ताओं ने सुनवाई के दाैरान मांग की कि इस आरक्षण काे तुरंत रद्द किया जाए.
‘घर बचाओ संघर्ष समिति’ के प्रतिनिधियाें ने प्रस्तावित रिंग राेड आरक्षण पर कड़ी आपत्ति जताई और अपना विराेध दर्ज कराया.
विजयकुमार पाटिल, घर बचाओ संघर्ष समिति के समन्वयक प्रीतम पवार, नारायण चिंचाेलीकर, ‘स्वाभिमानी घर बचाओ’ के धनाजी येलकर पाटिल, बाबूराम शर्मा, विपुल जगताप, सचिन पाेखरकर, नंदकुमार नायकाेड़ी, मेनुद्दीन शेख, संदीप शेलार, गणपत कानेकर, पार्वती पाेखरकर, कृष्णा पागे, संदीप निकम, परशुराम गायकवाड़ और संदीप सालवी ने अपना पक्ष रखा. नगर रचना विभाग के सेवानिवृत्त सह निदेशक प्रकाश भुक्ते, सेवानिवृत्त उप निदेशक दत्तात्रय पवार, सेवानिवृत्त उप निदेशक उत्तरेश्वर लाेंढे, वास्तुकार व पर्यावरण इंजीनियर नरसू शिंदे सहित विशेषज्ञाें के साथ स्थायी समिति के अध्यक्ष अभिषेक बारणे, सदस्य संदीप कस्पटे और सारिका गायकवाड़ ने नागरिकाें की बात सुनी. इस अवसर पर विशेष नियाेजन समिति की उप निदेशक अनुपमा कुलकर्णी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे. मनपा का डीपी प्लान मंजूर करते समय आम नागरिकाें पर काेई अन्याय नहीं किया जाएगा और काेई भी गलत आरक्षण नहीं थाेपा जाएगा, यह आश्वासन स्थायी समिति के अध्यक्ष अभिषेक बारणे ने दिया.