मुंबई, 26 अगस्त (वि.प्र.)
आखिरकार एमपीएससी द्वारा ड्रग इंस्पे्नटर की परीक्षा रद्द हाे गयी है. इस मामले में अभी तक 3 अधिकारियाें सहित 6 आराेपियाें काे गिरफ्तार किया गया है.
सभी काे 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. भारी किरकिरी के बाद यह निर्णय लिया गया. विपक्ष लगातार सरकार काे घेर रहा था. 40 लाख रु. में पेपर बेचने का आराेप था. महाराष्ट्र लाेक सेवा आयाेग की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक हाेने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है. इस मामले काे लेकर एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता और विधायक राेहित पवार ने आयाेग पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्हाेंने दावा किया कि पेपर लीक करने वाला नेटवर्क पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय था. ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर 40-40 लाख में बेचे गए. राेहित पवार ने एक्स पर सीएम फडणवीस और महाराष्ट्र लाेक सेवा आयाेग काे मेंशन करते हुए लिखा, महाराष्ट्र लाेक सेवा आयाेग ने आखिरकार बुधवार काे ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक हाेने के कारण उसे रद्द कर दिया है.
हमने पूरे सबूताें के साथ पेपर लीक का मुद्दा उठाया था और जांच एजेंसियाें के साथ मिलकर जरूरी कार्रवाई की थी.
आखिरकार जांच में यह बात साबित हाे गया कि सच में पेपर लीक हुआ था.राेहित पवार ने कहा, भले ही आयाेग ने पेपर रद्द कर दिया है, लेकिन उनका यह कहना कि पेपर सिर्फ एक छात्र के पास था, बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. हमें मिली जानकारी के मुताबिक, असल बात यह है कि पूरे राज्य में चल रहे एक एजेंट रैकेट के जरिए पेपर 40-40 लाख रुपये में बेचे गए थे. आयाेग काे भी इस बात की जानकारी थी. एनसीपी (एसपी) नेता ने कहा, इस मामले काे दबाने की काेशिश करने के बजाय, आयाेग काे जांच रिपाेर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए. जिन एजेंटाें के नाम हमने दिए थे, उनका क्या हुआ? क्या आयाेग का काेई व्यक्ति इसमें शामिल है? किसके संरक्षण में यह सब हाे रहा है? उन्हें यह भी बताना चाहिए.