न्यूयाॅर्क, 27 अगस्त (वि.प्र.)
रात 12 से सुबह 6 बजे तक इंस्टाग्राम और फेसबुक बंद रहेगा. मेटा ने अमेरिका की काेर्ट में टीनएजर्स काे लत से राहत देने निर्णय लिया. साेशल मीडिया का इस्तेमाल बच्चाें से लेकर बड़ाें तक हर काेई कर रहा है. साेशल मीडिया प्लेटफाॅर्म की वजह से ही लाेगाें का स्क्रीन टाइम भी बढ़ रहा है.बच्चे भी आधी रात में जाग-जागकर साेशल मीडिया पर एक्टिव हैं.वहीं अब इंस्टाग्राम और फेसबुक पर डिजिटल बेडटाइम लगेगा, जिससे रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच एक्सेस पर राेक रहेगी. साथ ही रात में और स्कूल के समय में नाेटिफिकेशन कम कर दिए जाएंगे. मेटा ने इसे लेकर ट्रायल शुरू कर दिया है.साेशल मीडिया पर बच्चाें की एक्टिविटी काे कम करने के लिए नाबालिगाें के पाेस्ट पर लाइक और रिएक्शन की गिनती गायब हाे जाएगी.
इन यूजर्स के लिए काॅस्मेटिक-सर्जरी फिल्टर बैन कर दिए जाएंगे, एज-एश्याेरेंस सिस्टम और पेरेंटल कंट्राेल काे मजबूत किया जाएगा और मेटा इनफिनिट-स्क्राॅल एक्सपीरियंस में रुकावट डालेगा.
टीनएजर्स काे नाॅन-पर्सनलाइज्ड फीड का ऑप्शन भी दिया जाएगा, न कि ऐसे फीड का जाे एल्गाेरिदम से चलता हाे, जाे अंदाजा लगाने और शायद बताने के लिए डिजाइन किए गए हाें.अभी तक इससे साेशल मीडिया एंगेजमेंट काे बढ़ाया जाता है. देखा जाए ताे एक तरफ जहां पहले इंस्टाग्राम-फेसबुक लाेगाें काे इन एप पर बने रहने के लिए मजबूर करते थे, वहीं अब बच्चाें के साेने का समय डिसाइड करने में मदद करेंगे. मेटा अब एक इंडिपेंडेंट ऑडिटर कम्प्लायंस काे माॅनिटर करेगा.मेटा अपने प्लेटफाॅर्म की सेफ्टी के बारे में गुमराह करने वाले दावे करना बंद करने पर भी सहमत हाे गया है.
सेफ्टी काे लेकर जाे सही जानकारी हाेगी, वही लाेगाें काे दी जाएगी.मेटा करेगा अरबाें डाॅलर का भुगतान मेटा से शुरू में लगभग 12.7 बिलियन डाॅलर भुगतान देने की उम्मीद है और कुल रकम 17.1 बिलियन डाॅलर तक पहुंच सकती है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि टिकटाॅक और यूट्यूब जैसे दूसरे प्लेटफाॅर्म भी ऐसे ही तरीके अपनाते हैं और पैसे से मदद करते हैं या नहीं.
हालांकि यह एक बहुत बड़ी रकम है (17.1 डाॅलर बिलियन लगभग 1.6 लाख कराेड़ रुपये), लेकिन मेटा के हिसाब से यह बहुत कम है, क्याेंकि कंपनी ने 2025 में लगभग 201 बिलियन डाॅलर का रेवेन्यू बताया था.