नेपाल बाढ़ त्रासदी में अब तक 360 मृत

1500 से ज्यादा लोगों की तलाश जारी, 288 भारतीयों का अता-पता नहीं

    28-Aug-2026
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calamity 
काठमांडू, 27 अगस्त (वि.प्र./वार्ता)
नेपाल-तिब्बत बाॅर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ में अब तक 360 लाेगाें की माैत हाे गई. 1500 से ज्यादा लाेगाें की तलाश लगातार जारी. इसमें 288 भारतीयाें का समाचार लिखे जाने तक अता-पता नहीं चल पाया. इसमें महाराष्ट्र के 80 लाेग लापता में से केवल 4 लाेगाें से संपर्क हाे पाया है. राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. इसके अलावा 32 देशाें के 525 विदेशियाें की भी खाेज की जा रही है. वहीं तिब्बत में फंसे 200 भारतीयाें से संपर्क हुआ है जहां उन्हें सुरक्षित लाने का प्रयास किया जा रहा है.
 
तमिलनाडू से गए 21 लाेगाें काे सुरक्षित से निपटने बचाया गया. मृतकाें की संख्या बढ़ने की आशंका है. इस प्राकृतिक आपदा में भारत सहित कई देशाें ने मदद का हाथ बढ़ाया है.
 
विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक लापता लाेगाें में 300 से ज्यादा भारतीय हैं. खराब माैसम और टूटे रास्ताें के बीच लाेगाें की तलाश जारी है. नेपाली सेना ने रसुवा के टिमुरे से गुरुवार सुबह 116 लाेगाें काे सुरक्षित निकाला है. इनमें 95 नेपाली और 21 भारतीय हैं.वहीं, तिब्बत में 550 से ज्यादा लाेगाें का सुराग नहीं मिल रहा है. चीन की सरकारी वेबसाइट सीसीटीवी ने इसकी जानकारी दी है.
 
बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए. शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे क्षण ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था. लेकिन बाद में पता चला कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानाें के साथ ल्हेंदे खाेला नदी में गिरा था. ल्हेंदे खाेला, भाेटेकाेशी नदी की सहायक नदी है. भाेटेकाेशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है. बाद में यूएसजीएस ने भी स्पष्ट किया कि 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा यह झटका लैंडस्लाइड के कारण पैदा हुआ था. कैलाश मानसराेवर यात्रा पर गए कई भारतीयाें से संपर्क टूटा सामने आई जानकारी के मुताबिक लापता भारतीयाें में कैलाश मानसराेवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी शामिल हैं. प्रभावित इलाकाें में माेबाइल और टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं ठप हाेने से यात्रियाें की सही स्थिति का पता लगाने में मुश्किल आ रही है. भारतीय दूतावास और कई राज्य सरकारें अपने नागरिकाें की जानकारी जुटाने और परिवाराें की मदद के लिए हेल्पलाइन चला रही हैं. तमिलनाडु से नेपाल गए 57 पर्यटकाें में से 37 का अब तक काेई सुराग नहीं मिल पाया है, जबकि 20 लाेगाें से संपर्क हाे चुका है.
 
इसी बीच ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उसके 77 सदस्य एक इमिग्रेशन सेंटर पर माैजूद थे और फिलहाल उनसे संपर्क नहीं हाे पाया है.