बीएसएनएल के भूमिगत डक्ट में दो लोगों की मौत

दम घुटने से इसी स्थान पर एक साल पहले तीन लोगों की जान गई थी : सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    28-Aug-2026
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PCMC
निगड़ी, 27 अगस्त (आ.प्र.)
बीएसएनएल के भूमिगत निरीक्षण (इन्स्पेक्शन) डक्ट में काम के लिए उतरे दाे युवकाें की दम घुटने से माैत हाे गई.
 
निगड़ी प्राधिकरण स्थित निर्मल विला बंगले के सामने बुधवार (26 अगस्त) की रात करीब 11:30 बजे यह घटना घटी. हैरान करने वाली बात यह है कि इसी स्थान पर पिछले साल बीएसएनएल के डक्ट में फाइबर का काम करने उतरे तीन लाेगाें की माैत हुई थी. इस तरह एक साल के भीतर एक ही जगह पर पांच लाेगाें की बलि चढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हाे गए हैं. मृतकाें के नाम मनाेज बाबूराव शिंदे (उम्र-26 वर्ष, निवासी- नाशिक जेल राेड, नासिक, मूल निवासी- सिद्धेश्वर, तहसील औंढा, जिला हिंगाेली) और अमाेल अशाेक शिंदे (उम्र-20 वर्ष, मूल निवासी- सिद्धेश्वर, तहसील औंढा, जिला हिंगाेली) हैं.
 
पुलिस के अनुसार, मनाेज और अमाेल लाेकमान्य अस्पताल से भेल चाैक की ओर जाने वाली सड़क पर बीएसएनएल के भूमिगत निरीक्षण डक्ट में उतरे थे. अंदर जाने के बाद जब उनकी ओर से काेई प्रतिक्रिया नहीं मिली, ताे फायर ब्रिगेड विभाग काे सूचना दी गई. दमकलकर्मियाें ने दाेनाें काे बाहर निकालकर वाईसीएम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डाॅक्टराें ने उन्हें मृत घाेषित कर दिया. डक्ट में ऑक्सीजन की कमी, विषैली गैस या किसी अन्य कारण से दाेनाें की दम घुटने से माैत हाेने का प्राथमिक अनुमान है. माैत का सटीक कारण पाेस्टमार्टम और मेडिकल रिपाेर्ट के बाद ही साफ हाेगा.
 
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस उपायुक्त संदीप आटाेले, पुलिस उपायुक्त प्रदीप जाधव, सहायक पुलिस आयुक्त प्रशांत ढाेले और प्रिया डमाले ने घटनास्थल का दाैरा किया. फाेरेंसिक टीम काे भी बुलाया गया. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या डक्ट में उतरने से पहले ऑक्सीजन के स्तर की जांच की गई थी, आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं, और दाेनाें काे यह काम किसने साैंपा था.
 
एक साल में उसी जगह 5 माैताें का रिकाॅर्ड इसी भूमिगत डक्ट में 15 अगस्त 2025 काे भी दुर्घटना हुई थी, जिसमें फाइबर का काम करने उतरे तीन मजदूराें की माैत हाे गई थी. उस मामले में निगड़ी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. इसके बावजूद उसी स्थान पर फिर से दाे लाेगाें की माैत हाेने से यह सवाल उठ रहा है कि पिछली घटना के बाद आखिर क्या सुरक्षा उपाय किए गए थे.