पुणे, 28 अगस्त (आ.) बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मैनेजमेंट को बैंक के रिटायर्ड कर्मचारियों के मामलों को अयादा समय तक पेंडिंग नहीं रखना चाहिए. यह सलाह पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने दी, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रिटायर्ड कर्मचारियों को खुशी के माहौल में अपनी जिंदगी जीनी चाहिए ताकि उन्हें मन की शांति मिले. उन्हें युवाओं से मिलना-जुलना चाहिए ताकि डिप्रेशन की भावना दूर हो. भारतीय मजदूर संघ से जुड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र रिटायर्ड बैंक एम्प्लॉइज यूनियन की ओर से, 75 साल पूरे कर चुके 80 कर्मचारियों और अधिकारियों को पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सम्मानित किया. मोहन घोलवे, बालासाहेब फडणवीस, भास्कर मानकेेशर मंच पर मौजूद थे. कार्यक्रम का समापन निवारा में हुआ. इस मौके पर 75 साल पूरे करने पर प्रकाश जावड़ेकर को सम्मानित किया गया. संगठन के कार्याध्यक्ष भास्कर माणकेेशर ने राजगढ़ तालुका के दूर गुहिनी गांव को गोद लेने और अब तक तीन करोड़ रुपये के सोशल ग्रैटिट्यूड फंड के समर्पण की जानकारी दी. अध्यक्ष पद से बोलते हुए, कार्यकारी निदेशक सुशांत कुमार मोहंती ने कहा, महाराष्ट्र बैंक के पेंशनर्स का बैंक की तरक्की में बड़ा योगदान रहा है. बैंक का बिजनेस उन्नीस प्रतिशत बढ़ा है और सात हजार करोड़ का नफा हुआ है. चंद्रशेखर बोरोले ने मजदूर गीत गाए. मधुकर शिधये ने शंख बजाया. सूत्र संचालन वीणा इतराज और शुभांगी कुलकर्णी ने किया. सुमेधा दफ्तरदार ने पसायदान गाया. संगठन के अध्यक्ष मोहन घोलवे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.