भाेपाल, 28 अगस्त (वि.प्र.)
एमपी में 52 लाख बच्चे बिना यूनिफाॅर्म के स्कूल आ रहे है.350 कराेड़ की याेजना टेंडर व कानूनी दावपेंच में फंसने से छात्राें काे ड्रेस नहीं मिला है. ड्रेस न मिलने से अभिभावकाें में भारी नाराजगी है.
मध्य प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए काफी समय बीत चुका है.स्कूलाें में पढ़ाई चल रही है, बच्चे राेज कक्षाओं में पहुंच रहे हैं, लेकिन लाखाें विद्यार्थियाें काे अब तक सरकार की ओर से मिलने वाली मुफ्त यूनिफाॅर्म नहीं मिली है. पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले करीब 52 लाख बच्चे फिलहाल घर के कपड़ाें में स्कूल आने काे मजबूर हैं.जिस ड्रेस का इंतजार सत्र की शुरुआत में खत्म हाे जाना चाहिए था, वह अब टेंडर के विवाद में अटक गई है.
सरकार ने इस बार बच्चाें काे दाे-दाे सेट तैयार यूनिफाॅर्म देने का फैसला किया है. इसके लिए करीब 350 कराेड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. लेकिन यूनिफाॅर्म की खरीद के लिए जारी टेंडर पर सवाल उठे और मामला अदालत तक पहुंच गया.मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलाें में पहली से आठवीं तक करीब 25.32 लाख छात्र और 26.70 लाख छात्राएं पढ़ रही हैं.