जयपुर, 28 अगस्त (वि.प्र.)
न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखना बेहद जरूरी है. यह प्रतिक्रिया शुक्रवार काे राजस्थान हाईकाेर्ट ए्निटंग चीफ जस्टिस के खिलाफ शिकायत पर वकील संगठनाें की.
संगठनाें ने कहा-किसी भी पद का दुरुपयाेग गलत वह किसी भी तरह से सही नहीं हाे सकता है. संगठनाें ने कहा-सुप्रीम काेर्ट जांच के बाद कार्रवाई करे. राजस्थान हाईकाेर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ हाल में सामने आए आराेपाें पर राज्य के तीन वकील संगठनाें ने गंभीर चिंता जताई है. उन्हाेंने कहा कि किसी भी पद के कथित दुरुपयाेग की वे कड़ी निंदा करते हैं और इस मामले काे बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए. राजस्थान हाईकाेर्ट बार एसाेसिएशन-जयपुर, राजस्थान हाईकाेर्ट लाॅयर्स एसाेसिएशन-जाेधपुर और राजस्थान हाईकाेर्ट एडवाेकेट्स एसाेसिएशन- जाेधपुर ने गुरुवार काे वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने पदाधिकारियाें की आपात बैठक बुलाई थी. बैठक में उन्हाेंने कहा कि मीडिया के जरिए सामने आए हालिया घटनाक्रमाें काे लेकर वे गंभीर रूप से चिंतित हैं.
इससे पहले इसी महीने सुप्रीम काेर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत काे तीन पत्र लिखे थे.
इनमें उन्हाेंने राजस्थान हाईकाेर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का किसी अन्य हाईकाेर्ट में तबादला करने और राजस्थान हाईकाेर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की मांग की थी. न्यायमूर्ति मेहता ने न्यायमूर्ति शर्मा पर शक्तियाें के दुरुपयाेग का आराेप लगाया था.