रक्षा बंधन पर 30,000 करोड़ का कारोबार हुआ

राखी, मिठाई, उपहार, ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में जमकर खरीदारी

    29-Aug-2026
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madeinindia
नई दिल्ली, 28 अगस्त (वि.प्र./वार्ता)
 देश में रक्षा बंधन के त्याैहार पर 30,000 कराेड़ का काराेबार हाेने का दावा सूत्राें ने किया. राखी, मिठाई, उपहार, ज्वेलरी और इले्नट्राॅनिक मार्केट में लाेगाें ने जमकर खरीदारी की. महाराष्ट्र सहित पूरे देश में रक्षा बंधन की धूम रही. प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी से लेकर मुख्यमंत्रियाें, मंत्रियाें ने राखियां बंधवाई. गांवाें से लेकर शहराें तक बहनाें ने भाइयाें काे राखियां बांधकर स्नेह के रिश्ते काे और मजबूत दिया.
 
राजधानी के बाजाराें में इस साल बिक रही राखियाें में भाई-बहन के प्यार के पारंपरिक संदेश के अलावा और भी बहुत कुछ दिखा. इनमें स्वदेशी गर्व और सरकारी पहल जैसे विकसित भारत, ब्रह्माेस और महिला सशक्तिकरण की झलक मिलती है. व्यापारियाें ने अनुमान लगाया था कि देश में राखी का व्यापार इस बार लगभग 25,000 कराेड़ रुपये तक पहुंचेगा.
 
इससे पहले कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुमान के मुताबिक, मिठाई, सूखे मेवे, उपहार, कपड़े, इलेक्ट्राॅनिक्स और अन्य सामान सहित राखी त्याैहार पर कुल व्यापार 30,000 कराेड़ रुपये का आंकड़ा पार हाेने का अंदेशा लगाया गया था. अकेले दिल्ली में इस व्यापार का हिस्सा लगभग 4,000 कराेड़ रुपये हाेने की उम्मीद थी.
 
त्याैेहार से पहले दिल्ली के बाजाराें जैसे चांदनी चाैक, सदर बाजार, कराेल बाग, लाजपतनगर, कमलानगर, राजाैरी गार्डन, गांधीनगर, खारी बावली और लक्ष्मीनगर में खरीदाराें की खासी भीड़ देखी गई.
भाजपा सांसद और कैट के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, पहले राखियां ज्यादातर चीन से आती थीं.
 
वर्ष 2020 के बाद यह भावना बनी कि हमें अपने स्थानीय और स्वदेशी उत्पाद बनाने चाहिए. उन्हाेंने ग्राहकाें की साेच में आए इस बदलाव काे वर्ष 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद की स्थिति से जाेड़ा. खंडेलवाल ने आगे कहा कि युवा ग्राहकाें के बीच मुद्दे-आधारित राखियाें की मांग खास ताैर पर देखी जा रही है, जबकि ‘नारी वंदन’ और ‘लखपति दीदी’ राखियां महिला खरीदाराें काे आकर्षित कर रही थीं.