पाषाण, 28 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) सीएसआईआर-एनसीएल में 25 अगस्त को प्रो. के. वेंकटरमण स्मृति व्याख्यान का संपन्न हुआ. इस अवसर पर हिंदुस्तान लीवर की बेंगलुरू की न्यू केमिस्ट्री यूनिट, जेएनसीएएसआर की रिसर्च प्रोफेसर और आईएनएसए मानद वैज्ञानिक इला ने रसायन में छह दशकों की झलकियां और प्रतिबिंब इस विषय पर मार्गदर्शन दिया. प्रो. इला ने एक सफल शोध करियर बनाने में वैज्ञानिक जिज्ञासा, पढ़ने, दृढ़ता, कठोर प्रशिक्षण और अच्छे मार्गदर्शन के महत्व पर जोर दिया. साथ ही उन्होंने छात्र प्रशिक्षण और एक मजबूत अनुसंधान वातावरण बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला कार्यक्रम की शुरुआत सीएसआईआर- एनसीएल के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. समीर चिक्कली के स्वागत भाषण से हुई. सीएसआईआर-एनसीएल के पूर्व निदेशक प्रो. एस. शिवराम ने प्रो.इला का परिचय दिया. प्रो. ईला ने रसायन विज्ञान में अपने छह दशकों के सफर के मुख्य अंश साझा किए, जिसमें उनकी शिक्षा, अनुसंधान, शिक्षण और एक वैज्ञानिक के रूप में उनके अनुभव शामिल थे. प्रो. इला ने उत्तर-पूर्वी पर्वतीय वेिशविद्यालय, शिलांग में अपने अनुभव साझा किए, जहां उन्होंने और उनके पति ने अनुसंधान सुविधाओं के निर्माण और भारत के विभिन्न हिस्सों के छात्रों के साथ एक अनुसंधान समूह विकसित करने में योगदान दिया. उन्होंने मिलकर एक प्रतिक्रिया की खोज की, जिसका नाम उनके नाम पर रखा गया है, जिसे , जंजप्पा-इला हेटेरोएरोमैटिक एनुलेशन प्रतिक्रिया कहा जाता है.