येरवड़ा, 28 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) डेक्कन कॉलेज में स्थापित सेंटर ऑफ आईकेएस-ईडीएस, केंद्रीय संस्कृत वेिशविद्यालय द्वारा आयोजित तीन सप्ताह के ग्रीष्मकालीन भाषाविज्ञान विद्यालय का शुक्रवार (28 अगस्त) को समापन हुआ. इस ग्रीष्मकालीन विद्यालय में भारत के विभिन्न भागों तथा नेपाल से प्रतिभागी सम्मिलित हुए थे. इस अध्ययन सत्र के द्वारा भाषाविज्ञान के क्षेत्र में अकादमिक संवाद एवं विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक व्यापक मंच उपलब्ध हुआ. केंद्रीय संस्कृत वेिशविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी की परिकल्पना से विकसित यह अभिनव ग्रीष्मकालीन अध्ययनवर्ग की रचना एक अभिनव अकादमिक पहल थी. इस अध्ययनकक्षा के लिए देश के विभिन्न भागों से तथा नेपाल से लगभग 180 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से चयन प्रक्रिया के बाद 35 प्रतिभागियों का चयन किया गया. इस कक्षा के अंतर्गत भाषाविज्ञान के ध्वनिविज्ञान, स्वनिमविज्ञान, रूपविज्ञान, अर्थविज्ञान आदि प्रमुख क्षेत्रों का अध्यापन किया गया. इसके साथ ही प्रतिभागियों के प्राकृतिक भाषा संसाधन एवं संगणकीय भाषाविज्ञान का परिचय भी दिया गया. व्यावहारिक गतिविधियों, क्षेत्रकार्य एवं प्रयोगकार्य के माध्यम से प्रतिभागियों के विलेषणात्मक एवं शोध-कौशल के विकास पर विशेष बल दिया गया. इस कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि डेक्कन एजुकेशन सोसायटी के सचिव प्रा. आनंद काटीकर रहे. समापन सत्र में डेक्कन कॉलेज की अकादमिक डीन एवं भाषाविज्ञान विभाग की प्रमुख प्रो. सोनल कुलकर्णी-जोशी विशेष अतिथि के रूप से उपस्थित रहीं. समापन सत्र के अध्यक्षरूप में डेक्कन कॉलेज के कुलपति प्रो. प्रसाद जोशी उपस्थित रहे.