चंडीगढ़, 2 अगस्त (वि.प्र.)
भाई ने वीडियाे काॅल पर बहन से कहा था कि कांवड़ के साथ तुम्हारे लिए राखी भी लेकर आऊंगा.
मुझे क्या पता था कि राखी की जगह उसकी लाश आएगी. उसने वादा किया था... अब मैं किसे राखी बांधूंगी. यह कहते हुए सेक्टर-30 के रहने वाले नीतीश की बहन बेसुध हाे जाती है.
नीतीश अपने तीन दाेस्ताें के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेने गया था, जहां गंगनहर में नहाते वक्त एक दाेस्त डूबने लगा, ताे नीतीश भी उसे बचाने के लिए दाेस्ताें के साथ कूद गया, जिससे चाराें की माैत गई थी.
नीतीश की मां ने कहा कि बेटा पहली बार कांवड़ लेने गया था. उन्हें सबसे ज्यादा अफसाेस इस बात का है कि उन्हाेंने उसे जाने की अनुमति दी. नीतीश ने भाेलेनाथ की कसम देकर भराेसा दिलाया था कि वह न ताे गंगनहर में नहाने उतरेगा और न ही काेई जाेखिम उठाएगा. 1 अगस्त काे हरिद्वार से नीतीश का शव घर पहुंचा, जहां सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया. दीपिका ने बताया कि हरिद्वार पहुंचने के बाद उसके भाई नीतीश ने वीडियाे काॅल की थी. उसने बाजार में सजी राखियाें की दुकानें दिखाईं और कहा कि वह उसकी पसंद की राखी खरीदकर कांवड़ के साथ घर लाैटेगा. भाई ने भराेसा दिलाया था कि इस बार भी वह रक्षाबंधन पर अपनी बहन के साथ त्याेहार मनाएगा.
दीपिका ने राेते हुए कहा कि उसे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि जिस भाई के लाैटने और राखी लाने का इंतजार कर रही है, उसकी लाश घर पहुंचेगी.
उसने कहा- भाई ने वादा किया था कि वह राखी लेकर आएगा, लेकिन अब वह इस दुनिया में ही नहीं है. अब वह किसे राखी बांधेंगी.