पटना, 2 अगस्त (वार्ता)
ऑपरेशन वज्र के तहत, केंद्रीय नारकाेटिक्स ब्यूराे ने बिहार में नकली दवाओं के नेटवर्क का भंडाफाेड़ करते हुए इसमें शामिल सरगना काे गिरफ्तार कर लिया है. नारकाेट्निस ब्यूराे की टीम ने 8 गाेदामाें व मैन्यूफै्नचरिंग यूनिट काे जब्त किया. लाखाें की टैबलेट, सिरप की बाेतलें भी बरामद की है.
बता दें कि पूरे राज्य में खुलेआम नकली दवाओं काे बेचकर लाेगाें की जिंदगी से खिलवाड़ जारी था. विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार एक आधिकारिक विज्ञप्ति में रविवार काे बताया गया है कि गाेदाम जैसी इन जगहाें का इस्तेमाल मादक पदार्थाें और अन्य दवाओं काे अवैध रूप से बनाने और भंडारण करने के लिए किया जा रहा था.
यह मामला 2025 में दर्ज अपराध की जांच से भी जुड़ा है और इसे इस जांच में एक और बड़ी कामयाबी बताया गया है.
ताजा अभियान के दाैरान गया में चार अवैध गाेदामाें का भंडाफाेड़ किया गया, जिसमें 68,200 ट्रामाडाेल टैबलेट, 59,000 अन्य टैबलेट और काेडीन सिरप की 52,542 बाेतलें जब्त की गईं. इस गिरफ्तारी से महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे आगे बड़े पैमाने पर कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ. जांच के दाैरान 16 से 27 जुलाई के बीच, सीबीएन की मध्य प्रदेश इकाई (नीमच) के निवारक अनुभाग ने पूरे बिहार में कड़ी निगरानी और क्षेत्रीय अभियान चलाए. जांच के दाैरान पता चला कि फरार आराेपी ने गया के खानजहांपुर इलाके में गैर-कानूनी तरीके से बनाए गए नशीले पदार्थाें और नकली दवाओं काे जमा करने के लिए फिर से अवैध गाेदाम चलाना शुरू कर दिया था. कई दिनाें तक उसकी गतिविधियाें पर गुप्त रूप से नजर रखने के बाद, सीबीएन की टीम ने उसे पकड़ा.
आराेपी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, सीबीएन की टीम ने दाे अपंजीकृत और बिना मंजूरी वाले गाेदामाें की तलाशी ली और गैर-कानूनी तरीके से बनाए गए 21,373 ब्यूप्रेनाेर्फिन इंजेक्शन एम्प्यूल बरामद किए. तलाशी के दाैरान भारी मात्रा में नकली और मिलावटी गैर-एनडीपीएस दवाएं भी ज़ब्त की गईं.