वाईसीएम हॉस्पिटल में मां-बेटी की भी हुई मौत

पति ने पहले ही तोड़ दिया था दम आर्थिक तंगी के चलते उठाया था आत्मघाती कदम

    03-Aug-2026
Total Views |

pimprifamily 
पिंपरी, 2 अगस्त (आ.प्र.)
 
आर्थिक तंगी के कारण जहरीली दवा का धुआं कर एक ही परिवार के तीन लाेगाें ने आत्महत्या का प्रयास किया.
उनमें से पति की माैके पर ही माैत हाे गई, जबकि पत्नी और बेटी का वायसीएम अस्पताल में इलाज चल रहा था. इलाज के दाैरान उन दाेनाें की भी जिंदगी की जंग असफल साबित हुई. मृतकाें के नाम विनाेद पिल्लई (उम्र-50 वर्ष), सिल्जा पिल्लई (उम्र-45 वर्ष) और पूर्णिमा पिल्लई (उम्र-19 वर्ष, सभी निवासी करिश्मा ग्लाेरी साेसायटी, /5, कमरा नंबर201 अजमेरा काॅलाेनी, माेरवाड़ी, पिंपरी) हैं. शुक्रवार (31 जुलाई) देर रात अजमेरा काॅलाेनी, माेरवाड़ी, पिंपरी में एक ही परिवार के तीन लाेगाें ने जलते हुए काेयले पर जहरीली दवा डालकर उसका धुआं किया. यह जहरीला धुआं शरीर में जाने से तीनाें बेहाेश हाे गए. शनिवार (1 अगस्त) की सुबह करीब 9 बजे यह घटना सामने आई. बेहाेशी की हालत में तीनाें काे वायसीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि, इलाज से पहले ही विनाेद की माैत हाे गई, जबकि सिल्जा और पूर्णिमा का आईसीयू में इलाज चल रहा था. लेकिन इलाज के दाैरान उनकी भी माैत हाे गई.
 
 आत्महत्या से पहले विनाेद ने एक सुसाइड नाेट लिखा था. उसमें उन्हाेंने कहा था कि वे सभी अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहे हैं. उन्हाेंने यह भी कहा था कि हालांकि वे आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए किसी काे जिम्मेदार न ठहराया जाए. आत्महत्या करने वाले तीनाें लाेग उच्च शिक्षित थे.
 
हालांकि विनाेद ने परिवार के सदस्याें के साथ आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नाेट लिखा था. उसने उसमें लिखा है कि उनकी आत्महत्या के लिए काेई जिम्मेदार नहीं हाेगा.
 
फिर भी पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ्नया उसने बिना किसी दबाव के नाेट लिखा है या किसी ने दबाव डाला है. उसने किन-किन लाेगाें या अन्य माध्यम से कर्ज लिया था, इस पर भी गाैर किया जा रहा है.
 
गाैरतलब है कि विनाेद नवंबर 2024 तक एक निजी कंपनी में कार्यरत थे. पिल्लई परिवार पहले नेहरूनगर में अपने खुद के फ्लैट में रहता था. लेकिन तीन साल पहले आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपना खुद का घर बेचना पड़ा. उसके बाद वे माेरवाड़ी में करिश्मा ग्लाेरी साेसायटी में किराए के मकान में रहने आये थे. नाैकरी छाेड़ने की वजह से उन्हें आर्थिक परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा था. इस बीच उन्हाेंने निजी ताैर पर कर्ज भी लिया था. वहीं दिन-ब-दिन उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती गई थी और कर्ज का बाेझ बढ़ता गया. गाैरतलब है कि अपने गांव केरल में घर का निर्माण पूरा हाेने बाद इन सबका वहीं जाकर बसने का इरादा था.