‌‘दगडूसेठ‌’ चातुर्मास कीर्तन महोत्सव शुरू

पुणेवासियों को जाने-माने कीर्तनकारों को सुनने का मिलेगा सुनहरा अवसर

    04-Aug-2026
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डेक्कन, 3 अगस्त (आ.प्र.)

ताल और मृदंग की गूंज, मंत्रमुग्ध कर देने वाले अभंग, संत ज्ञानोबा-तुकोबा के जीवन दर्शन को दर्शाती कीर्तनकारों की ओजस्वी वाणी और ‌‘जय जय राम कृष्ण हरि‌’ के जयघोष जैसे पवित्र और भक्तिमय वातावरण में ‌‘दगडूसेठ‌’ चातुर्मास कीर्तन महोत्सव की शुरुआत हुई है. महोत्सव के पहले दिन नासिक के ‌‘वारकरी भूषण‌’ श्रीगुरु ह.भ.प. चैतन्य महाराज निंबोले का कीर्तन संपन्न हुआ. श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल की ओर से जंगली महाराज रोड स्थित होटल सेंट्रल पार्क में इस कीर्तन महोत्सव का आयोजन किया गया है. महोत्सव का उद्घाटन ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने, उपाध्यक्ष माणिक चव्हाण और कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी की उपस्थिति में हुआ. इस अवसर पर ट्रस्ट एवं मंडल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे. प्रस्तावना करते हुए महेश सूर्यवंशी ने कहा, यह इस महोत्सव का 40वां वर्ष है. यह हमारे लिए वारकरी संप्रदाय की सेवा करने का एक अवसर है. संतों द्वारा दी गई सीख अगली पीढ़ी तक पहुंचे और समाज में उसका अनुसरण हो, इसी उदात्त उद्देश्य से हर साल इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इस अवसर पर समाजभूषण शांताराम महाराज निमन, अरुण पवार, उद्धव गोले, वैभव महाराज साखरे, जयवंत चांदेरे और राधाकृष्ण गुरुजी का सम्मान किया गया. मंच संचालन राजाभाऊ घोडके ने किया. इस महोत्सव में प्रतिदिन शाम 5:30 बजे कीर्तन होगा. महोत्सव का समापन रविवार (9 अगस्त) को होगा. ट्रस्ट की ओर से अपील की गई है कि यह महोत्सव सभी के लिए नि:शुल्क खुला है .  
 
कीर्तन महोत्सव सभी के लिए एक सांस्कृतिक अवसर

 चैतन्य महाराज निंबोले ने कहा, कीर्तन महोत्सव सभी के लिए एक सांस्कृतिक अवसर है. इस महोत्सव में आने के बाद ह.भ.प. बाबा महाराज सातारकर की याद आती है. उनकी परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर मिलने के लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं.