येरवड़ा, 3 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण , मुंबई मंडल द्वारा 28 जुलाई को दोपहर ढाई बजे, पुणे के ऐतिहासिक आगा खान पैलेस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संरक्षित स्मारक बेडसे गुफाओं के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल ऑडियो गाइड प्रणाली का वर्चुअल शुभारंभ किया गया. इस पहल का उद्देश्य महाराष्ट्र के उत्कृष्ट बौद्ध शैलकृत स्मारकों में से एक बेडसे गुफाओं के इतिहास, स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक प्रभावी एवं सहज रूप में आगंतुकों तक पहुंचाना है. यह डिजिटल ऑडियो गाइड प्रणाली आगंतुकों को अपने स्मार्टफोन द्वारा क्यूआर कोड स्कैन कर बेडसे गुफाओं के इतिहास, स्थापत्य, पुरातात्त्विक महत्व, कला, अभिलेखों तथा सांस्कृतिक विरासत संबंधी प्रमाणिक एवं विस्तृत जानकारी प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करती है. कार्यक्रम का वर्चुअल उद्घाटन प्रख्यात पुरातत्वविद् एवं भारतीय पुरातत्व सर्वे क्षण के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक ( उत्तर) के. के.मुहम्मद द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में किया गया. यह परियोजना भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मुंबई मंडल के अधीक्षक पुरातत्वविद् अभिजीत एस.आंबेकर के मार्गदर्शन मे ं क्रियान्वित की गई. कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वे क्षण, मुंबई मंडल के उप अधीक्षक ए. वी. नागनूर सहित गांधी राष्ट्रीय स्मारक सोसायटी, आगा खान पैलेस के प्रदीप मुनोत (वरिष्ठ न्यासी), तारक पारिख (न्यासी) एवं गणेश धोत्रे (प्रबंधक) उपस्थित रहे. डिजिटल ऑडियो गाइड प्रणाली का तकनीकी विकास गूंजइंडिया के सहयोग से नितिन मेनौलिकर द्वारा किया गया. स्मारक का सर्वेक्षण एवं तकनीकी प्रलेखन सर्वेक्षक नीलेश सोनवणे द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम हेतु डिजिटल प्रस्तुतीकरण एवं फोटोग्राफिक प्रलेखन राजेश चंदनशिवे द्वारा किया गया. इस अवसर पर पुणे उपमंडल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक गजानन मंडावरे और टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना की गई. के. के. मुहम्मद ने कहा कि विरासत संरक्षण केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके ऐतिहासिक महत्व को सरल, प्रमाणिक एवं आकर्षक रूप में समाज तक पहुंचाना भी उतना ही आवश्यक है. उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड आधारित डिजिटल ऑडियो गाइड वर्तमान समय की आवश्यकता है तथा इससे पर्यटक, विद्यार्थी, शोधार्थी एवं विरासत प्रेमियों को प्रमाणिक जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सकेगी.