मानव बुद्धिमत्ता को एआई के आगे समर्पित न करें

सिम्बायोसिस स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट के स्थापना दिवस पर उद्योगपति डॉ. गणेश नटराजन ने कहा

    04-Aug-2026
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 शिवाजीनगर, 3 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

हर हाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करें. केवल कोई गुफा में रहने वाला (आदिम) व्यक्ति ही एआई का उपयोग नहीं करेगा. लेकिन अपनी मानव बुद्धिमत्ता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगे समर्पित न करें. अपने भविष्य के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण का निर्माण करें और जब तक आपका लक्ष्य प्राप्त न हो जाए, तब तक न रुकें, ऐसी सलाह प्रसिद्ध उद्योगपति डॉ. गणेश नटराजन (कार्यकारी अध्यक्ष एवं सह-प्रवर्तक: जीटीटी डेटा सॉल्यूशंस, लाइटहाउस कम्युनिटीज फाउंडेशन और 5-एफ वर्ल्ड) ने दी. वे ‌‘सिम्बायोसिस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स‌’ और ‌‘सिम्बायोसिस स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट‌’ के कॉमन इंडक्शन प्रोग्राम तथा स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे. इस कार्यक्रम में डॉ. एस. बी. मुजुमदार (संस्थापक और अध्यक्ष, सिम्बायोसिस),डॉ. विद्या येरवड़ेकर, (प्रो-चांसलर,सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और प्रधान निदेशक, सिम्बायोसिस) तथा डॉ. रामकृष्णन रमन (कुलपति, सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी) भी मौजूद थे. सिम्बायोसिस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की निदेशक प्रो. ज्योति चंदिरामाणी ने स्वागत भाषण दिया,जबकि सिम्बायोसिस स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट की निदेशक डॉ. शर्वरी शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापित किया. इस अवसर पर डॉ. गणेश नटराजन की नवीनतम पुस्तक, “AI Took Your Org Chart – The Rise of Responsive Leadership in the Age of Machines' का औपचारिक विमोचन भी हुआ. डॉ. गणेश नटराजन ने कहा, संवाद करने, सुनने और अपने विचारों को व्यक्त करने की इच्छा आपके जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकती है. भविष्य उन लोगों का है जिन्होंने डेटा, अंतर्दृष्टि और एनालिटिक्स पर महारत हासिल कर ली है. डॉ. एस. बी. मुजुमदार ने कहा, शिक्षा और अर्थव्यवस्था के बीच गहरा संबंध है. देश इसलिए विकसित बनते हैं क्योंकि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं. नैतिकता के बिना शिक्षा केवल राक्षसों का निर्माण करेगी. अच्छी शिक्षा के साथ-साथ आपको नैतिक और सदाचारी शिक्षा के बारे में भी सोचना चाहिए.