आयुका के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में दुर्लभ ‘बाइनरी स्टार सिस्टम‌’ को खोजा

    04-Aug-2026
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gjh
पुणे, 3 अगस्त (आ.प्र.)

पुणे स्थित इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आयुका) के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है. आयुका के डॉ. तथागत साहा और प्रो. चंद्रायी मैत्रा के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने पहली बार मैगेलैनिक ब्रिज नामक अंतरिक्ष क्षेत्र में एक दुर्लभ दोहरे तारों (रेयर बाइनरी स्टार सिस्टम) की खोज की है. यह खोज इरोस्टिका टेलीस्कोप से प्राप्त आंकड़ों के अध्ययन के दौरान हुई. इस नए सर्वे में करीब 20 लाख एक्स-रे स्रोत दर्ज किए गए हैं. इन आंकड़ों की मदद से वैज्ञानिकों ने दो छोटी आकाशगंगाओं, लार्ज मैगेलैनिक क्लाउड और स्मॉल मैगेलैनिक क्लाउड, के बीच स्थित मैगेलैनिक ब्रिज क्षेत्र का विस्तार से अध्ययन किया. वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दुर्लभ प्रणाली में एक बहुत बड़ा लाल तारा (रेड जायंट) और एक छोटा लेकिन अत्यधिक घना सफेद तारा (व्हाइट ड्वार्फ) मौजूद है. बड़ा तारा समय-समय पर फैलता और सिकुड़ता है, जिससे उसकी गैस सफेद तारे की ओर खिंचती है. इसी प्रक्रिया के दौरान एक्स-रे किरणें निकलती हैं, जिन्हें विशेष टेलीस्कोप की मदद से देखा जाता है. डॉ. तथागत साहा ने बताया कि मैगेलैनिक ब्रिज क्षेत्र में इस प्रकार का यह पहला तारकीय सिस्टम मिला है. वहीं प्रो. चंद्रायी मैत्रा ने कहा कि इस खोज से वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि अलग-अलग आकाशगंगाओं के प्रभाव में तारे कैसे बनते हैं और समय के साथ उनका विकास किस प्रकार होता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज भविष्य में अंतरिक्ष और ब्रह्मांड से जुड़े कई नए रहस्यों को समझने में महत्वपूर्ण साबित होगी.