लाेनावला, 3 अगस्त (आ.प्र.)
खंडाला घाट के ऊपरी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और हाल ही में सुर्खियाें में आई एशिया की सबसे लंबी मिसिंग लिंक (कनेक्टिंग लिंक) ने सभी काे आकर्षित किया है. इसी मिसिंग लिंक और आसपास के सुंदर नज़ाराें काे अपने माेबाइल कैमरे में कैद करने का माेह हरियाणा का एक पर्यटक राेक नहीं पाया. मिसिंग लिंक और आसपास की सुंदरता की तस्वीर लेने के च्नकर में अतिउत्साही पर्यटक ने, बिना किसी सड़क के, अपनी आलीशान कार काे यहां की ऊंची पहाड़ियाें और टीलाें के कड़ी ढलानाें से हाेकर खाई की तरफ बढ़ाया, तभी उसका कार से नियंत्रण छूट गया.
कार सीधे मिसिंग लिंक सुरंग (टनल) के ऊपर स्थित ऊंची पहाड़ी से करीब 50 से 60 फीट गहरी खाई में जा गिरी. खुशकिस्मती से कार खाई में एक बड़े पेड़ में जाकर अटक गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. अगर कार पेड़ में न अटकती, ताे वह सीधे मिसिंग लिंक के रास्ते पर जा गिरती और बड़ा हादसा हाे सकता था. बाेरघाट (दस्तूरी) हाइवे पुलिस की सतर्कता से खाई में गिरी कार ड्राइवर पर्यटक की जान बच गई. कार ड्राइवर पर्यटक का नाम माेहित स्वरूप भटनागर (उम्र-59 वर्ष, वर्तमान निवासी: बांद्रा, मुंबई; मूल निवासी: गुरुग्राम, हरियाणा) है.
बाेरघाट हाइवे के सहायक पुलिस निरीक्षक स्वप्निल पाटिल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हरियाणा निवासी माेहित भटनागर अपनी स्काेडा कार (नंबर चक-04/ऋठ-7143) से लाेनावला-खंडाला क्षेत्र में घूमने के लिए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से आ रहे थे. इस दाैरान वे खंडाला घाट क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और मिसिंग लिंक के नजारे से मंत्रमुग्ध हाे गए. मिसिंग लिंक सुरंग के ऊपर की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने और उस मनाेरम दृश्य काे अपने माेबाइल कैमरे में कैद करने का लालच वह छाेड़ नहीं सके. इसके लिए उन्हाेंने खंडाला घाट से रास्ता निकालते हुए सीधे गारमाल क्षेत्र का रुख किया.
इस दाैरान कार काे गारमाल मार्ग पर खड़ा करने के बजाय, वे उसे ऊंची पहाड़ियाें और खाइयाें के खतरनाक तीखे ढलान पर ले गए, जहां पर उसका कार से नियंत्रण छूट गया. कार चारपांच पलटी खाते हुए सीधे 50 से 60 फीट गहरी खाई में जा गिरी.
गनीमत रही कि कार खाई के एक बड़े पेड़ में अटक गई. यदि कार पेड़ में न अटकती ताे वह सीधे मिसिंग लिंक के मुख्य मार्ग पर गिरती और भीषण हादसा हाे जाता. यह घटना साेमवार सुबह करीब पाैने बारह बजे घटी. घटना की सूचना मिलते ही बाेरघाट-दस्तूरी हाइवे के सहायक पुलिस निरीक्षक स्वप्निल पाटिल, पुलिसकर्मी संदीप पवार, किरण शिंदे, भरत पावरा, गणेश खाडे, संताेष गुजरवार और गाेड़से ने माैके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. खाई में उतरना बेहद खतरनाक हाेने के बावजूद पुलिस ने अपनी जान जाेखिम में डालकर स्थानीय लाेगाें की मदद से खाई में प्रवेश किया और कार में फंसे ड्राइवर काे सुरक्षित बाहर निकाला.
इसके बाद उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.
हालांकि इस हादसे में कार ड्राइवर काे मामूली चाेटें ही आई हैं, लेकिन घटना की गंभीरता बहुत बड़ी थी. कुछ पलाें की देरी भी बड़े जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती थी.
हाइवे पुलिस द्वारा दिखाई गई तत्परता, साहस और सूझबूझ के कारण एक व्यक्ति की जान बच सकी, जिसकी वजह से बचाव टीम की हर तरफ सराहना हाे रही है.