पुणे, 3 अगस्त (आ.प्र.)
इलेक्ट्रिक गाड़ियाें के बाजार में महिंद्रा एंड महिंद्रा लंबी रेस की तैयारी कर रही है. कंपनी का फाेकस सिर्फ नई इलेक्ट्रिक डणत लाॅन्च करने पर नहीं है. वह फैक्ट्री की क्षमता बढ़ा रही है, नए प्लांट तैयार कर रही है और आने वाले सालाें की मांग काे ध्यान में रखकर निवेश भी बढ़ा रही है. यही वजह है कि ब्राेकरेज मान रहे हैं कि महिंद्रा एंड महिंद्रा का एत काराेबार आने वाले समय में कंपनी की कमाई और ग्राेथ, दाेनाें काे नई रफ्तार दे सकता है. इसके लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा द्वारा पुणे और नागपुर में अपने नए केंद्र का विस्तार और उत्पादन यूनिट की क्षमता में वृद्धि करने की याेजना है. महिंद्रा एंड महिंद्रा का कहना है कि उसकी इलेक्ट्रिक गाड़ियाें काे बाजार से अच्छा रिस्पाॅन्स मिल रहा है. खासताैर पर दएत 9ड की मांग लगातार बढ़ रही है. इसी भराेसे के दम पर कंपनी अब अपने ईवी पाेर्टफाेलियाे काे और मजबूत करने में जुटी है.
महिंद्रा एंड महिंद्रा हर महीने करीब 64,500 एसयूवी बना सकती है. इसमें 56,500 पेट्राेल-डीजल एसयूवी और 8,000 इलेक्ट्रिक डणत शामिल हैं.
कंपनी का लक्ष्य ऋध27 के आखिर तक कुल क्षमता बढ़ाकर करीब 82,000 यूनिट प्रति महीना करना है. इसमें इलेक्ट्रिक डणत की क्षमता बढ़कर 12,000 यूनिट प्रति महीना हाे जाएगी.
यानी कंपनी सिर्फ नई गाड़ियां लाॅन्च नहीं कर रही, बल्कि पहले से यह भी सुनिश्चित कर रही है कि बढ़ती मांग के हिसाब से पर्याप्त उत्पादन हाे सके.
ऋध27 के बाद भी महिंद्रा एंड महिंद्रा की विस्तार याेजना जारी रहेगी.
चाकण प्लांट में 10,000 यूनिट की अतिरिक्त क्षमता बढ़ेगी कंपनी ऋध28 में चाकण प्लांट में हर महीने 10,000 यूनिट की अतिरिक्त क्षमता जाेड़ेगी. इसके बाद नागपुर में नए ग्रीनफील्ड प्लांट के जरिए ऋध30 और ऋध31 में दाे चरणाें में बड़ी क्षमता जाेड़ी जाएगी. इससे आने वाले वर्षाें में नए इलेक्ट्रिक माॅडल का उत्पादन बढ़ाना आसान हाेगा. कंपनी ने बताया है कि उसके आने वाले नए माॅडल छण-खट प्लेटफाॅर्म पर आधारित हाेंगे. इन लाॅन्च के जरिए महिंद्रा एंड महिंद्रा उन सेगमेंट में भी एंट्री करना चाहती है, जहां अभी उसकी माैजूदगी कम है. यानी कंपनी सिर्फ माैजूदा माॅडल पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि नए ग्राहकाें काे भी जाेड़ने की तैयारी कर रही है. महिंद्रा एंड महिंद्रा की इलेक्ट्रिक डणत की हिस्सेदारी जून तिमाही में 12% रही, जबकि पूरे उद्याेग का औसत 9% था. यह दिखाता है कि कंपनी फिलहाल ईवी सेगमेंट में इंडस्ट्री की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रही है.