भारत में प्राचीन काल से ही लाेग शंखपुष्पी का सेवन कर रहे हैं. इसे ब्रेन टाॅनिक के ताैर पर भी प्रयाेग किया जाता है. यह दिमाग काे शांत करने व टेंशन काे दूर करने में सहायता करती है. बच्चाें की स्मरण शक्ति बढ़ाने और ध्यान केंद्रित करने के लिए यह सबसे लाभदायक हर्ब है.
नर्वस वीकनेस से संबंधित कई डिस्ऑर्डर्स और मानसिक व शारीरिक थकान और याद्दाश्त खाेने जैसी समस्याओं के उपचार के लिए शंखपुष्पी का इस्तेमाल किया जाता है. क्राॅनिक ब्राेंकाइटिस और अस्थमा के इलाज के लिए इसके पत्ताें का इस्तेमाल किया जाता है.
बच्चाें का बुखार ठीक करने में इसकी जड़ाें का प्रयाेग हाेता है और इसका तेल बालाें की ग्राेथ काे बढ़ाता है.
शंखपुष्पी का प्रयाेग हाइपरटेंशन, हाइपाेटेंशन, एंग्जाइटी न्यूराेसिस, स्ट्रेस, पैनिक अटैक, यूरिनरी डिस्ऑर्डर इत्यादि की ट्रीटमेंट में भी किया जाता है.
शंखपुष्पी के पाैधे में ग्लूकाेज, संक्राेस, ग्लाइकाेसाइड्स, अल्काेलाॅयड्स और विभिन्न एसिड्स पाए जाते हैं.
इनका इस्तेमाल मेडिकेशन में किया जाता है. चूंकि ये नैचुरल केमिकल कंपाेजिशंस हैं, इसलिए इनका रिजल्ट बढ़िया रहता है.