‌‘अर्हम‌’ के डॉ. शैलेश पगारिया को ‌‘कौशल्य पुरस्कार‌’ प्रदान

शैक्षणिक क्षेत्र में किए हुए उल्लेखनीय योगदान के लिए किए गए सम्मानित

    05-Aug-2026
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BGden 
शिवाजीनगर, 4 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

अर्हम फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. शैलेश खुशालचंद पगारिया को शैक्षणिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए ‌‘कौशल्य पुरस्कार‌’ से सम्मानित किया गया है. यह कार्यक्रम रविवार, 2 अगस्त को नासिक में उत्साह के साथ संपन्न हुआ. नासिक के आयोजित जैन ेशेतांबर स्थानकवासी श्रीसंघ एवं परम पूज्य श्री प्रीतिसुधाजी शिक्षण फंड (नासिक) द्वारा संचालित छात्रवृत्ति, शैक्षणिक एवं कौशल्य पुरस्कार वितरण समारोह में मातोश्री कौशल्याबाई मोहनलालजी बलदोटा की स्मृति में यह पुरस्कार प्रदान किया गया. आयंबिल तप आराधिका, स्वर्ण संघ आराधिका महासतीजी परम पूज्य डॉ. पुनीतज्योतिजी महाराज साहब के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ. पुरस्कारों का वितरण विजयकुमार लोढा (चेयरमैन, एमबी शुगर्स एंड फार्मास्युटिकल्स, मालेगांव) के हाथों, डॉ. कन्हैयालाल, सचिन-समीर बलदोटा परिवार (नाशिक) की ओर से किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ शिरोमणि संघपति मंगलचंद साखला ने की. इस अवसर पर उपाध्यक्ष मोहनलाल ब्रह्मेचा, शंकरलाल गांग, सेक्रेटरी जवरीलाल भंडारी, कोषाध्यक्ष ललित मोदी सहित संघ के ट्रस्टी, पदाधिकारी और गणमान्य व्यक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित थे. प.पू. श्री प्रीतिसुधाजी शिक्षण फंड के कोषाध्यक्ष विजय के. बेदमुथा के विशेष सहयोग से यह कार्यक्रम संपन्न हुआ. चातुर्मास कमेटी 2026 के अध्यक्ष नीरज बोथरा एवं स्वागताध्यक्ष सूरज मुनोत की भी इस अवसर पर उपस्थिति थी. अर्हम फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण का कार्य करने वाले डॉ. शैलेश पगारिया के इस सम्मान से पुणे शहर के जैन समाज में खुशी का माहौल है. इस अवसर पर अर्हम फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष श्रीकांत पगारिया, ट्रस्टी स्वराज पगारिया, राजश्री पगारिया, प्रीति पगारिया, रुषांग पगारिया, पंकज साखला सहित पुणे के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.  
 
सराहनीय कार्य करने वाले संस्था प्रमुखों का सम्मान

गौरतलब है कि प.पू. श्री प्रीतिसुधाजी शिक्षण फंड पिछले 48 वर्षों से जैन ओसवाल समाज के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के लिए कार्यरत है. हर साल मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले संस्था प्रमुखों को ‌‘कौशल्य पुरस्कार‌’ से सम्मानित किया जाता है.