छत्रपति संभाजीनगर, 5 अगस्त (आ. प्र.)
देश काे नयी पार्टी नहीं, मजबूत जन आंदाेलन की जरूरत है. यह प्रतिपादन काॅकराेच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया. वे बुधवार काे ‘सीजेपी’ की अगली रणनीति बनाने के लिए संभाजीनगर में दाे दिवसीय बैठक के दाैरान बाेल रहे थे.
उन्हाेंने कहा-जनता का राजनीतिक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, मीडिया, शिक्षा, चुनाव आयाेग व सरकारी एजेंसियाें पर भराेसा नहीं रहा. इसका उदाहरण जंतर- मंतर, मुंबई सहित देश भर में छात्राें के आंदाेलन से सिद्ध हाे गया, हालात इतने खराब हैं कि जनता जिसे वाेट देती है वह किसी और पार्टी में चला जाता है.
ईडी-सीबीआई एवं पैसाें के बल पर पार्टियां ताेड़ी जा रहीं. देश में एक सामाजिक क्रांति की सख्त जरूरत महसूस हाे रही है.
उन्हाेंने कहा- आने वाले समय में काॅकराेच जनता पार्टी ‘पे्रशर ग्रुप’ की तरह काम करेगी. व्यवस्था में बदलाव ही हमारा मेन मकसदहै. उन्हाेंने कहा- फिलहाल सीजेपी राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी.
दीपके ने कहा- अगर हम राजनीतिक पार्टी बनाते, ताे हमारा आंदाेलन सफल नहीं हाेता. आंदाेलन इसलिए सफल हुआ, क्याेंकि अलग-अलग विचारधाराओं और राजनीतिक दलाें के लाेग लाेकतंत्र काे कमजाेर करने वाली चीजाें के खिलाफ एक साथ आए. आज भारत काे किसी नई राजनीतिक पार्टी की नहीं, बल्कि एक मजबूत जन आंदाेलन की जरूरत है. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की आज से दाे दिवसीय बैठक शुरू हाे गई है.
बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में दीपके ने बताया कि इसमें जंतर-मंतर आंदाेलन की समीक्षा, ई 20 पेट्राेल, शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दाें पर चर्चा हाेगी. उन्हाेंने कहा कि बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि संगठन काे देशभर में कैसे मजबूत किया जाए.
हमारे आंदाेलन काे सिर्फ शिक्षा के मुद्दे पर समर्थन नहीं मिला. लाेगाें ने इसलिए साथ दिया, क्याेंकि राजनीतिक व्यवस्था, न्यायपालिका, मीडिया और चुनाव आयाेग जैसी संस्थाओं पर उनका भराेसा कम हाे गया है. माैजूदा राजनीतिक व्यवस्था बहुत खराब स्थिति में है और लाेकतांत्रिक संस्थाओं में लाेगाें का भराेसा वापस लाने के लिए व्यापक जन आंदाेलन और जनता के दबाव की जरूरत है.
सीजेपी झारखंड जाएगी और वहां आंदाेलन कर रहे छात्राें के साथ खड़ी रहेगी.
हम झारखंड के छात्राें की हर मांग का समर्थन करते हैं. सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता साैरव दास ने कहा कि छात्र प्रदर्शनकारियाें पर दर्ज एफआईआर वापस कराने की मांग काे लेकर सरकार से बातचीत चल रही है. घायल प्रदर्शनकारियाें काे कानूनी और मेडिकल मदद देने की भी तैयारी की जा रही है.