शिवाजीनगर, 5 अगस्त (आ.प्र.) भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित आभूषण व्यावसायिक घरानों में से एक पीएनजी ज्वेलर्स की विरासत को इसके अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. सौरभ गाडगिल ने शब्दों में पिरोया है. उनके जीवन के अनुभवों, संघर्षों, निर्णयों और नेतृत्व की यात्रा को समेटने वाली उनकी यह आत्मकथा ‘चूजिंग गोल्ड’ नाम से पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित की गई है. इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन गुरुवार (6 अगस्त) को मुंबई में एक निजी कार्यक्रम में किया जाएगा. उस दौरान डॉ. सौरभ गाडगिल के साथ अभिनेत्री माधुरी दीक्षित विशेष बातचीत करेंगी. इस बातचीत के जरिए ‘चूजिंग गोल्ड’ पुस्तक के पीछे के प्रेरणादायक सफर, अनुभवों और उससे मिली सीख पर प्रकाश डाला जाएगा. इस आत्मकथा में डॉ. सौरभ गाडगिल के जीवन को आकार देने वाले कई महत्वपूर्ण क्षणों, अपने दादाजी और मां के साथ हुई जीवनभर याद रहने वाली बातचीत, समय के साथ समझ में आईं बातों और उनके वेिशास, धैर्य तथा मूल्यों की परीक्षा लेने वाले कई कठिन फैसलों का ईमानदारी से जायजा लिया गया है. 194 साल पुरानी पीएनजी ज्वेलर्स की समृद्ध विरासत की पृष्ठभूमि भले ही इस कहानी को मिली हो, लेकिन इस किताब का केंद्र बिंदु स्वयं डॉ. गाडगिल का व्यक्तित्व विकास, उनका संघर्ष, उनके द्वारा लिए गए निर्णय और परंपरा का सम्मान करते हुए अपना एक स्वतंत्र मार्ग बनाने की प्रेरणादायक यात्रा है.डॉ. सौरभ गाडगिल ने कहा, यह किताब लिखते समय मुझे सबसे ज्यादा हैरानी इस बात पर हुई कि मेरी जिंदगी को आकार देने वाले कई पल कितने सरल और शांत थे. अनुज दत्ता (लीड- पेंग्विन एंटरप्राइज) ने कहा, एक प्रकाशक के रूप में हम हमेशा ऐसी कहानियों की तलाश में रहते हैं, जो न केवल सफलता की गाथा बताएं, बल्कि उसके पीछे के वास्तविक सफर को भी उजागर करें.
किताब के बहाने जीवन को फिर से देखने का अवसर मिला
इस किताब के बहाने पहली बार मुझे जीवन में पीछे मुड़कर देखने का अवसर मिला. आज तक मैंने जो फैसले लिए हैं, उनमें से किन पर मुझे सही मायनों में गर्व है...? किस फैसले को लेकर आज भी मन में कसक है, कौन-से फैसले अनुभव के दम पर सही साबित हुए और कौन-से सिर्फ किस्मत के सहारे सही रहे..? किताब में इन सभी सवालों मैंने ईमानदारी से जवाब दिए हैं - डॉ. सौरभ गाडगिल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, पीएनजी ज्वेलर्स