नई दिल्ली, 5 अगस्त (वि.प्र.)
ईडी मात्र 1 प्रतिशत केसेस में ही सजा करा सकी है. आईटी काेर्ट में वह 75 प्रतिशत केस हारी है. वित्त राज्यमंत्री पंकज चाैधरी ने राज्य सभा में ईडी- आईटी विभाग के आंकड़े पेश किए. 1087 मुकदमाें के 854 मामलाें में आराेपी बरी हाे गए. सिर्फ 233 मामलाें में ही सजा हुई. इन्कम टै्नस विभाग काे काेर्ट में करारी हार का सामना करना पड़ा है. केंद्र सरकार टैक्सपेयर्स काे लगातार काेर्ट में घसीट रही है, लेकिन सरकारी आंकड़ाें से पता चलता है कि इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट काे देश भर की अदालताें में करारी हार का सामना करना पड़ रहा है.
संसद में पेश किए गए आंकड़ाें से पता चलता है कि सरकार जितने टैक्स केस जीतती है, उसके मुकाबले लगभग 4 मामलाें में आराेपी काे जज बरी कर देते हैं. 2021-2026 की अवधि के दाैरान, विभाग ने इन्कम टैक्स एक्ट की धारा 279(1) के तहत औपचारिक मंज़ूरी मिलने के बाद 2,127 मुक़दमे दर्ज किए. सालाना आंकड़ाें से पता चलता है कि दर्ज किए गए मामलाें में तेज़ी आई है और साथ ही अदालती हार का सिलसिला भी लगातार बढ़ रहा है. यह सिलसिला 2025-26 के फाइनेंशियल ईयर में एक अहम माेड़ पर पहुंच गया, जब अदालताें ने सिर्फ 47 मामलाें में सज़ा सुनाई, जबकि 293 मामलाें में बरी कर दिया यानी टैक्स अधिकारियाें ने एक ही साल में अपने फैसले वाले आपराधिक मामलाें में से 86 फीसदी से ज़्यादा मामले गंवा दिए.
नाकामी की दर 78 % से भी ज़्यादा
वित्त राज्य मंत्री पंकज चाैधरी ने राज्यसभा में जाे आंकड़े पेश किए, उनसे पिछले 5 फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू डिपार्टमेंट के खराब ट्रैक रिकाॅर्ड का पता चलता है. सिर्फ 233 मामलाें में ही सज़ा हुई यानी नाकामी की दर 78 प्रतिशत से भी ज़्यादा रही