राम मंदिर निर्माण का प्रस्तावित खर्च अनुमान 800 करोड़

खर्च हुए 2200 करोड़, इतना बड़ा फर्क क्यों ? ट्रस्ट के पूर्व अकाउंट हेड द्वारा भारी भ्रष्टाचार का दावा

    06-Aug-2026
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 RamMandir
अयाेध्या, 5 अगस्त (वि.प्र.)
राम मंदिर निर्माण पर प्रस्तावित खर्च अनुमान 800 कराेड़ था जबकि निर्माण पर 2200 कराेड़ खर्च हुआ है.आखिर इतना बड़ा फर्क क्यों ? ट्रस्ट के पूर्व अकाउंट हेड ने दावा करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हुए.कहा- प्राेजे्नट की जवाबदारी ऐसे अधिकारी काे दी जिसे सिविल इंजीनियरिंग का अनुभव तक नहीं था, कुछ ऐसे लाेगाें काे भुगतान किया जिन्हाेंने काेई काम ही नहीं किया. गड़बड़ी में चंपतराय एवं उनके लाेगाें का राेल अहम रहा. राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच अभी जारी है. इसी बीच अब मंदिर निर्माण की लागत काे लेकर भी नए सवाल उठने लगे हैं.
 
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) काे कुछ दस्तावेज और साक्ष्य साैंपते हुए दावा किया है कि मंदिर निर्माण की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 800 कराेड़ रुपये थी, लेकिन बाद में यह खर्च बढ़कर करीब 2200 कराेड़ रुपये तक पहुंच गया. उन्हाेंने आराेप लगाया कि यह बढ़ाेतरी कुछ लाेगाें काे फायदा पहुंचाने के लिए की गई. हालांकि, इन आराेपाें की जांच अभी जारी है और ट्रस्ट की ओर से इन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आनी बाकी है.
महिपाल सिंह ने बताया कि उन्हाेंने अपने पहले लगाए गए आराेपाें के समर्थन में एसआईटी काे दस्तावेज साैंपे हैं. साथ ही कुछ नए बिंदु भी जांच एजेंसी के सामने रखे हैं. इससे पहले भी उन्हाेंने दावा किया था कि वर्ष 2021 में ही उन्हें चढ़ावे से जुड़े वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ियाें की जानकारी मिली थी.
 
बताया जा रहा है कि 26 जुलाई काे एसआईटी के अध्यक्ष और लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने महिपाल सिंह काे ई-मेल भेजकर साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा था. जरूरत पड़ने पर वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज करने की भी बात कही गई थी.महिपाल सिंह का दावा है कि ट्रस्ट के गठन के समय राम मंदिर निर्माण की अनुमानित लागत करीब 800 कराेड़ रुपये तय की गई थी. लेकिन बाद में निर्माण पर लगभग 2200 कराेड़ रुपये खर्च किए गए. उनका आराेप है कि इस दाैरान कई फैसले ऐसे लिए गए, जिनसे लागत में काफी बढ़ाेतरी हुई. फिलहाल यह दावा जांच के दायरे में है और इसकी पुष्टि जांच पूरी हाेने के बाद ही हाे सकेगी.
 
एसआईटी इन सभी दस्तावेजाें और आराेपाें की जांच कर रही
राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की थी. जांच के दाैरान पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने कई गंभीर आराेप लगाए हैं, जिनमें चढ़ावे के प्रबंधन से लेकर निर्माण लागत और भुगतान प्रक्रिया तक के मुद्दे शामिल हैं. अब एसआईटी इन सभी दस्तावेजाें और आराेपाें की जांच कर रही है. जांच पूरी हाेने के बाद ही यह स्पष्ट हाे सकेगा कि, आराेपाें में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई ह