नर्हे, 31 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) मातृत्व की अवधारणा अब और अधिक व्यापक होती जा रही है. हम डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और महात्मा फुले जैसे महापुरुषों का नाम लेते हैं, इसलिए हमें मातृत्व, इंसानियत और मानवता जैसे मूल्यों को भी उतना ही महत्व देना चाहिए. यह विचार विधान परिषद सदस्य विधायक डॉ. नीलम गोर्हेे ने व्यक्त किए. वह ‘जाधवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स’ द्वारा आयोजित आठवें ‘आदर्श माता पुरस्कार’ वितरण समारोह में बोल रही थीं. कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को गढ़ने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महिलाएं विधान परिषद के सभापति डॉ. राम शिंदे की माताजी भीमाबाई शिंदे, गृह राज्य मंत्री योगेश कदम की माताजी ज्योति कदम, पुणे के नगरसेवक सनी निम्हण की माताजी स्वाति निम्हण और फिल्म निर्देशक दिग्पाल लांजेकर की मां सुनीता लांजेकर को आदर्श माता पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह कार्यक्रम नर्हे स्थित प्राचार्य डॉ. सुधाकरराव जाधवर सभागार में आयोजित हुआ. इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता ममता सपकाल, संस्था के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. सुधाकर जाधवर, उपाध्यक्ष एड. शार्दुल जाधवर और कोषाध्यक्ष सुरेखा जाधवर उपस्थित थे. पुरस्कार समारोह का आयोजन संस्था की कोषाध्यक्ष सुरेखा सुधाकरराव जाधवर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में किया गया था. इस अवसर पर ममता सपकाल ने कहा, आदर्श माता साबित होने की कसौटी बहुत बड़ी होती है. जिन्हें आप जन्म देती हैं और जिन्हें आप गढ़ती हैं, जब तक वे समय की कसौटी पर खरे नहीं उतरते, तब तक आप एक आदर्श माता के रूप में खुद को साबित नहीं कर पातीं. पुरस्कार स्वीकार करने के बाद ज्योति कदम ने कहा, यह सम्मान मेरे मातृत्व को मिले प्रेम और कृतज्ञता का प्रमाण है. सुनीता लांजेकर ने कहा, बच्चों को बड़ा करने का अर्थ केवल उन्हें सफल बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें एक अच्छा इंसान बनाना भी एक मां के ही हाथ में होता है. स्वाति निम्हण ने कहा, जिस तरह मेरी मां ने मुझे गढ़ा है, उसी तरह मैंने भी अपने बच्चों को संवारने का प्रयास किया है. एडवोकेट शार्दुल जाधव ने कहा विपरीत और कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए अपने बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों में काबिल बनाने वाली माताएं समाज के सामने आनी चाहिए. इसलिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया.