पुणे, 31 अगस्त (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
राज्य के दस जिलाें में बिक्री विलेख का पंजीकरण करने से पहले ही संबंधित जमीन की मापी करने का उपक्रम 1 सितंबर से प्रायाेगिक आधार पर लागू करने का निर्णय राज्य के भूमि अभिलेख विभाग ने लिया है. राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इसका क्रियान्वयन शुरू हाेगा. जमीन खरीदने के बाद उत्पन्न हाेने वाले सीमा विवाद और न्यायालयीन संघर्ष से बचने के लिए भूमि अभिलेख विभाग ने यह निर्णय लिया है.
नंदुरबार, भंडारा, गड़चिराेली, गाेंदिया, चंद्रपुर, परभणी, जालना, हिंगाेली, नांदेड और मुंबई उपनगर जिलाें में पहले चरण में इसे लागू किया जाएगा. इन जिलाें में पिछले दाे महीनाें से जमीन की मापी की अवधि कम करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे थे. इसमें सफलता मिली है और आवेदन दाखिल हाेने के बाद सामान्य मापी 28 दिनाें में, जबकि त्वरित मापी केवल 14 दिनाें में पूरी की जा रही है.
निदेशक तथा बंदाेबस्त आयुक्त शैलेश नवाल ने कहा कि राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद 1 सितंबर से दस जिलाें में यह उपक्रम प्रायाेगिक आधार पर शुरू किया जाएगा. इसके बाद अक्टूबर में अगले दस जिलाें में और नवंबर से शेष जिलाें में इसे लागू किया जाएगा.