बेंगलुरु, 31 अगस्त (वि.प्र.)
कर्नाटक की मांड्या जेल में सुविधा के नाम पर पुलिस ने वसूली जैसे गाेरखधंधे का पर्दाफाश किया है. रेट लिस्ट का भंडाफाेड़ हाेने के बाद जेल अधीक्षक काे हटाया गया. करीब 80 कैदियाें के हस्ताक्षर वाली शिकायत से प्रशासन की नींद उड़ गई. बैरक बदलने, मटन-चिकन व वीआईपी खाना देने का अलग-अलग रेट तय था, पैसे न देने वाले कैदियाें काे प्रताड़ित किया जाता था.
विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (जेल) आलाेक कुमार ने कहा कि पत्र में लिखी बाताें की जांच की जा रही है. पत्र की काॅपी मीडिया काे भी भेजी गई हैं, जिन पर कैदियाें के हस्ताक्षर, अंगूठे के निशान और विचाराधीन कैदी (यूटीपी) नंबर हैं. पत्र में अलग-अलग सुविधाओं के लिए कथित ‘रेट लिस्ट’ है.
जिसमें कुछ खास सेल (काेठरियाें) से जुड़े मासिक भुगतान भी शामिल हैं. कैदियाें के कथित पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए आलाेक कुमार ने बताया कि मैंने मंगलवार काे व्यक्तिगत रूप से मांड्या जेल का दाैरा किया और हर कैदी से बात की. किसी ने मेरे सामने काेई शिकायत नहीं रखी.
हालांकि, अब जाे कथित याचिका सामने आई है. हम उसकी बाताें की फिर से जांच कर रहे हैं. उन्हाेंने एक अलग कागज पर हस्ताक्षर लिए थे, यह कहकर कि वे कैंटीन सुविधाओं के लिए याचिका लिख रहे हैं. पत्र में आराेप लगाया गया है कि काेठरी नंबर 1 के लिए 10,000 रुपये, काेठरी 3 और 4 के लिए 15,000 रुपये तथा अन्य कमराें के लिए 5,000 से 8,000 रुपये प्रतिमाह वसूले जाते थे.