पिंपरी, 31 अगस्त (आ.प्र.)
मनपा की अगस्त महीने की स्थगित सभा के 31 में से 18 विषयाें काे कल (बुधवार) हाेने वाली सितंबर महीने की सर्वसाधारण सभा के विषयाें एजेंडे में शामिल किया गया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस के शहराध्यक्ष याेगेश बहल ने इस सभा की वैधता पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि स्थगित सभा के विषयाें काे उसी सभा में प्रस्तुत करना अनिवार्य है. एडवाेकेट असीम सराेदे के माध्यम से महापाैर रवि लांडगे, आयुक्त डाॅ. विजय सूर्यवंशी और नगर सचिव मुकेश काेलप काे कानूनी नाेटिस भेजा गया है.
बहल ने आराेप लगाया है कि मनपा में गैरकानूनी कार्याें काे राेकने की जिम्मेदारी प्रशासन प्रमुख के रूप में आयुक्त और नगर सचिव की है, लेकिन वे भी गलत तरीके से हाेने वाले कामकाज काे बढ़ावा दे रहे हैं.
अगस्त महीने की आम सभा 17 सितंबर तक के लिए स्थगित की गई है.
महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के अनुसार, स्थगित की गई सभा के विषयाें काे उसी स्थगित सभा में मंजूर करना अनिवार्य है. लेकिन, 20 अगस्त की स्थगित सभा के 31 में से 18 विषयाें काे सितंबर महीने की आम सभा के समक्ष कार्यसूची पर लाया गया है. इस प्रकार चुनिंदा विषयाें काे लेने के पीछे का मुख्य कारण क्या है? पिछली स्थगित सभा के चुनिंदा विषयाें काे मनमाने ढंग से दूसरी सभा में गैरकानूनी रूप से लाकर मंजूर कराने का यह प्रयास महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के मूल प्रावधानाें और नियमाें के खिलाफ हाेने का दावा इस लीगल नाेटिस में स्पष्ट रूप से किया गया है.
याेगेश बहल ने रुख अपनाया है कि एक ही विषय एक ही समय में दाे. अलग-अलग सभाओं के कानूनी अधिकार क्षेत्र में नहीं रह सकता. बहल ने चेतावनी दी है कि यदि कल की सभा में गैरकानूनी तरीके से विषयाें काे मंजूरी दी गई, ताे मनपा की मूल स्थगित सभा के फैसले और अधिकाराें का काेई अर्थ नहीं रह जाएगा तथा प्रशासनिक मनमानी बढ़ेगी. उन्हाेंने मांग की है कि एजेंडे से स्थगित सभा के विषयाें काे हटाया जाए और 17 सितंबर काे हाेने वाली आधिकारिक स्थगित सभा में ही नियमानुसार चर्चा के लिए रखा जाए, अन्यथा इस मनमानी और गैरकानूनी कार्रवाई के खिलाफ सक्षम न्यायालय में उचित कानूनी कदम उठाया जाएगा.