प्रयागराज, 31 अगस्त (वि.प्र./वार्ता)
यूपी के प्रयागराज स्थित काैशांबी की एक पटाखा फैक्ट्री में साेमवार काे भीषण धमाका हाेने से 11 लाेगाें की माैत हाे गई, जबकि 22 से ज्यादा लाेग झुलस गए. इस धमाके में फैक्ट्री पूरी तरह जमींदाेज हाे गई जबकि दाे बच्चाें प्रवीण (13) और प्रियांशी (5) समेत 5 लाेगाें की दर्दनाक माैत हाे गई, 20 से अधिक लाेग झुलसकर गंभीर रूप से घायल हाे गए हैं. चार घायलाें काे इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है. इनमें से तीन की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है.
धमाका इतना तेज था कि पूरी पटाखा फैक्ट्री जमींदाेज हाेने के साथ-साथ फैक्ट्री के 50 मीटर के दायरे में आसपास के 5 से 7 मकान भी टूट गए हैं. कुछ लाेगाें के अब भी फैक्ट्री में फंसे हाेने की खबर आ रही है. पुलिस- फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं.
सीएम याेगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियाें से घायलाें का समुचित इलाज सुनिश्चित करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही सीएम याेगी ने अधिकारियाें से मृतकाें के परिजनाें से बात कर उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराने का आदेश दिया है. जिस जगह पर हादसा हुआ है वाे प्रयागराज और काैशाम्बी के बार्डर के पास है. पता चल रहा है कि कई घायलाें काे प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया है. प्रयागराज संवाददाता के अनुसार चार घायलाें काे चारपाई पर रखकर एसआरएन लाया गया था. इन घायलाें का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है. तीन घायलाें की स्थिति गंभीर है. पटाखा फैक्ट्री काैशांबी के मनाैरी के थाना पुरामुफ्ती क्षेत्र में है. विस्फाेट की सूचना मिलते ही डीएम, एसपी सहित तमाम बड़े अफसर और प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुंच गया है.
घटनास्थल से मनाैरी स्थित एयरफाेर्स स्टेशन करीब डेढ़ किलाेमीटर दूर है. मिली जानकारी के अनुसार हादसे के वक्त फैक्ट्री में 25 मजदूर काम कर रहे थे. धमाके की आवाज दाे किलाेमीटर तक सुनाई दी. विस्फाेट के बाद धुएं का ऊंचा गुबार उठा और पूरा इलाका धुएं से भर गया. फैक्ट्री के पटाखाें में आग लगने के चलते देर तक धमाके हाेते रहे. धमाके के बाद चाराें तरफ अफरा तफरी मच गई. लाेग घायलाें काे चारपाई पर लिटाकर अस्पताल की ओर भागे. प्रत्यक्षदर्शियाें के मुताबिक फैक्ट्री में सुबह से काम चल रहा था. सब कुछ सामान्य था. इसी दाैरान अचानक फैक्ट्री में धमाका हुआ. मृतकाें और घायलाें की संख्या के बारे में अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं लेकिन अधिकारियाें का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हाेने के बाद ही सही स्थिति का पता चल पाएगा.