महारेरा ने देरी पर ब्याज का दिया आदेश

पेनिनसुला लैंड लिमिटेड तय समय सीमा तक फ्लैटों का कब्जा सौंपने में विफल

    10-Sep-2026
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MAHARERA
गहुंजे, 9 सितंबर (आ.प्र.)
गहुंजे स्थित ‘एड्रेसवन- फेज़ 6’ परियाेजना के घर खरीदाराें के पक्ष में फैसला सुनाते हुए महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (महारेरा) ने बिल्डर पेनिनसुला लैंड लिमिटेड काे देरी का जिम्मेदार ठहराया है. महारेरा ने निर्दे श दिया है कि ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) के साथ जब तक खरीदाराें काे फ्लैटाें का वास्तविक कब्जा नहीं मिल जाता, तब तक कंपनी दाे आवंटियाें काे वैधानिक ब्याज का भुगतान करे. यह फैसला 3 सितंबर काे महारेरा अध्यक्ष मनाेज साैनिक द्वारा सुनाया गया. यह शिकायत अमाेल अशाेक भदाले और श्वेता अमाेल भदाले द्वारा पेनिनसुला लैंड तथा उसके प्रबंध निदेशक महेश गुप्ता के खिलाफ दर्ज कराई गई थी.
 
यह प्राेजेक्ट महारेरा के तहत रजिस्ट्रेशन नंबर झ52100018788 के रूप में दर्ज है. महारेरा पाेर्टल पर प्राेजेक्ट के पूरा हाेने की मूल प्रस्तावित तारीख 30 जून 2024 थी, जिसे बाद में संशाेधित कर 30 जून 2026 किया गया. हालांकि, आदेश जारी हाेने तक प्रमाेटर ने पाेर्टल पर ओसी अपलाेड नहीं किया था. दाेनाें शिकायतें बिल्डिंग नंबर 70 की चाैथी मंजिल के फ्लैट नंबर 402 और 403 से संबंधित हैं.
 
बिक्री समझाैते (सेल एग्रीमेंट) के तहत 6 महीने की छूट अवधि मिलाकर कब्जे की अंतिम तारीख 30 जून 2023 तय की गई थी. प्रत्येक फ्लैट की कुल विचार राशि 23,25,711 रुपये थी.
 
घर खरीदाराें की मांग और महारेरा से गुहार : तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब ओसी और कब्जा नहीं मिला, ताे खरीदाराें ने महारेरा की शरण ली. उन्हाेंने ओसी के साथ फ्लैट का कानूनी कब्जा, रेरा अधिनियम की धारा 18 के तहत ब्याज, अधूरी सुविधाओं के कारण मुआवजा और अपने बकाया भुगतान में ब्याज के समायाेजन की मांग की. खरीदाराें का स्पष्ट तर्क था कि अनुबंध के अनुसार कब्जा 30 जून 2023 तक मिलना चाहिए था, इसलिए उन्हें इसी मूल तारीख से ब्याज दिया जाए.
 
बिल्डर का बचाव के लिए दिए तर्क दूसरी ओर, पेनिनसुला लैंड ने अपनी सफाई में कहा फ्लैटाें का निर्माण दिसंबर 2024 में पूरा हाे गया था, लेकिन पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) से ओसी न मिलने के कारण कब्जा नहीं दिया जा सका.
बिल्डर ने काेविड-19 महामारी और प्रशासनिक देरी काे नियंत्रण से बाहर की स्थिति बताया. प्रमाेटर ने कहा महारेरा ने प्राेजेक्ट रजिस्ट्रेशन 30 जून 2026 तक बढ़ाया था और जून में 30 जून 2027 तक के विस्तार का आवेदन किया गया है. बिल्डर ने तर्क दिया कि खरीदाराें ने अपना एग्जिट विकल्प नहीं चुना, इसलिए वे ब्याज के हकदार नहीं हैं.