पिंपरी, 9 सितंबर (आ.प्र.)
गणेशाेत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का त्याैहार है. हालांकि, उत्सव का आनंद लेते हुए नागरिकाें काे पर्यावरण संरक्षण और शहर की स्वच्छता की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए. मनपा आयुक्त डाॅ. विजय सूर्यवंशी ने नागरिकाें से अपील की है कि वे गणेशाेत्सव काे इकाे-फ्रेंडली तरीके से मनाने के लिए पर्यावरण-अनुकूल विकल्पाें काे स्वीकार करें.
श्री गणेश मूर्ति का चयन करते समय शाडू की मिट्टी और प्राकृतिक रंगाें का उपयाेग कर बनाई गई मूर्तियाें काे प्राथमिकता दें. जल प्रदूषण के खतरे काे देखते हुए पीओपी की मूर्तियाें के इस्तेमाल से बचें और पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियाें का चुनाव करें. मनपा ने अपील की है कि गणेश मूर्तियाें का विसर्जन नदी, नाले या तालाबाें में न कर, मनपा द्वारा उपलब्ध कराए गए कृत्रिम टैंकाें (हाैद) या कृत्रिम जल कुंडाें में ही करें.
गणेशाेत्सव के दाैरान निकलने वाले निर्माल्य काे जल स्राेताें में विसर्जित न करें, बल्कि मनपा द्वारा बनाए गए निर्माल्य संग्रह केंद्राें में अलग से जमा करें. गीला, सूखा और विशेष ध्यान रखने वाले कचरे काे अलग-अलग इकट्ठा कर मनपा की कचरा संग्रहण करने वालाें काे साैंपें. मनपा ने गणेशाेत्सव पंडालाें और घरेलू सजावट के लिए प्लास्टिक तथा थर्माकाेल के उपयाेग से बचने और प्राकृतिक एवं री-साइकिलिंग याेग्य सामग्रियाें का उपयाेग करने की अपील की है. विद्युत राेशनी के लिए आवश्यकतानुसार एलईडी बल्बाें का उपयाेग कर ऊर्जा बचत काे प्राथमिकता दें. ध्वनि नियमाें का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि ध्वनि प्रदूषण न हाे.