इस वर्ष देश के चावल उत्पादन में 70 लाख टन की भारी गिरावट ?

    11-Sep-2026
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गुलटेकड़ी, 10 सितंबर (आ.प्र.)

 देश के कुल चावल उत्पादन में लगभग 70 लाख टन की गिरावट आने का अनुमान कृषि विभाग की रिपोर्ट में गया है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय दी गई जानकारी के अनुसार, देश में खरीफ सीजन के दौरान चावल की बुवाई का औसत क्षेत्रफल 412 लाख हेक्टेयर रहता है. इस खरीफ सीजन में देश के चावल उत्पादन क्षेत्र में लगभग 14 लाख हेक्टेयर की कमी आई है. कम बारिश के कारण चावल की फसल को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. इससे उत्पादन में कमी आ सकती है. हालांकि, उत्पादन घटने के बावजूद वैेिशक चावल बाजार में भारत का दबदबा बरकरार रहने की संभावना भी जताई गई है. बुआई के रकबे में सबसे ज्यादा गिरावट कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड और मध्य प्रदेश में दर्ज की गई है. राज्यवार स्थिति देखें तो, कर्नाटक में 3.61 हेक्टेयर, तेलंगाना में 3.29 हेक्टेयर, झारखंड में 1.82 लाख हेक्टेयर, मध्य प्रदेश में 1.75 लाख हेक्टेयर, तमिलनाडु में 1.22 लाख हेक्टेयर, असम में 1.21 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 1.02 लाख हेक्टेयर, उत्तर प्रदेश में 70 हजार हेक्टेयर और हरियाणा में 15 हजार हेक्टेयर की कमी आने का अनुमान है. पिछले साल रिकॉर्ड बुवाई और अच्छी बारिश हुई थी. इस वजह से चीन को पीछे छोड़कर भारत में 1,540 लाख टन चावल का उत्पादन हुआ था.
 
वैेिशक बाजार में भारत का दबदबा कायम रहेगा

 खाद्य सुरक्षा और एथेनॉल सहित अन्य उपयोगों के लिए देश को सालाना लगभग 450 लाख टन चावल की आवश्यकता होती है. इसलिए, देश की जरूरत पूरी होने के बाद भी निर्यात के लिए चावल की उपलब्धता अच्छी बनी रहेगी. इसके चलते, बुवाई और उत्पादन में कमी आने के बावजूद वैेिशक चावल बाजार में भारत का दबदबा बरकरार रह सकता है. - डॉ. राजेश शाह, निदेशक, जयराज ग्रुप