दिल्ली में 100 से अधिक दुकानें बिना नोटिस के सील !

नगर निगम द्वारा अचानक दुकान में ताला ठोकने की कार्रवाई से व्यापारियों में भारी रोष

    11-Sep-2026
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Delhi 
नई दिल्ली, 10 सितंबर (वि.प्र.)
दिल्ली में 100 से अधिक दुकानें बिना नाेटिस के सील कर दिए गए. नगर निगम की अचानक हुई इस कार्रवाई से व्यापारियाें में भारी राेष है. व्यापारियाें ने कहा-बिना पूर्व सूचना ए्नशन गलत है.
 
कराेड़ाें के जेवर व कैश दुकानाें के अंदर बंद हाे गए हैं. बिल्डिंग गिरने की सजा प्रशासन निर्दाेष व्यापारियाें काे आखिर क्यों दे रहा है. दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम एक्शन माेड में आ गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा अवैध निर्माण और नियमाें के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देशाें के बाद एमसीडी ने शहरभर में अभियान तेज कर दिया है. इसी कड़ी में गुरुवार सुबह दिल्ली के प्रसिद्ध सर्राफा बाजार कूचा महाजनी में निगम की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ अचानक दस्तक दी और सीलिंग की बड़ी कार्रवाई काे अंजाम दिया.
 
दुकानदाराें का आराेप है कि गुरुवार सुबह लगभग 11:30 बजे एमसीडी के सिटी-एसपी जाेन की टीम पुलिस बल के साथ चांदनी चाैक स्थित कूचा महाजनी पहुंची. हाल ही में सत्य निकेतन क्षेत्र में एक पुरानी और अवैध रूप से निर्मित इमारत गिरने से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें छात्राें के साथ सात लाेगाें की माैत हाे गई, जबकि कई घायल है. जिसे लेकर दिल्ली सरकार और नगर निगम पर सवाल उठ रहे हैं.
 
हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी अधिकारियाें काे अवैध निर्माण और मास्टर प्लान के नियमाें का उल्लंघन करने वाली व्यावसायिक संपत्तियाें पर तत्काल कड़ा रुख अपनाने के कड़े निर्देश दिए थे. व्यापारियाें का कहना है कि हादसे की आड़ में केवल छाेटे-बड़े व्यापारियाें काे निशाना बनाया जा रहा है और उनके व्यापार पर कहर ताेड़ा जा रहा है. सवाल यह उठ रहा है कि वर्षाें से जारी इन निर्माणाें और गतिविधियाें के लिए क्या केवल व्यापारी जिम्मेदार हैं, या फिर उन सरकारी विभागाें और नेताओं पर भी काेई गाज गिरेगी जिनकी देखरेख में यह सब हाेता रहा?