नई दिल्ली, 10 सितंबर (वि.प्र.)
फर्जी राजनैतिक पार्टियाें के जरिए 10,000 कराेड़ की टै्नस चाेरी की गई है. यह टिप्पणी कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता में फर्जीवाड़े का सनसनीखेज आराेप लगाते हुए की. पार्टी के वरिष्ठ नेता श्नित सिंह गाेहिल ने कहा-भाजपा से संबंधित बड़े काराेबारी, उद्याेगपति, कंपनियां राजनीतिक चंदे का फायदा उठाकर कराेड़ाें के टै्नस चाेरी कर रहे हैं. कई बड़े सीए भी फर्जीवाड़े में शामिल हैं.
उन्हाेंने कहा-इनकम टै्नस विभाग के नियमाें का धड़ल्ले से दुरुपयाेग हाे रहा है. शिकायत के बाद भी ए्नशन नहीं हाेना ताजुब की बात है. उन्हाेेंने कहा-चुनाव आयाेग भी भाजपा का पराेक्ष रूप से समर्थन कर रहा है. सारे घाेटाले के पीछे पराेक्ष रूप से भाजपा का हाथ ही सामने आ रहे हैं. विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलाें के ज़रिए बड़े पैमाने पर टैक्स चाेरी और राजनीतिक चंदे में कथित फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आराेप लगाया है.
पार्टी का दावा है कि देशभर में माैजूद 3260 पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलाें के माध्यम से क़रीब 10 हज़ार कराेड़ रुपये का चंदा दिखाकर आयकर से बचने की व्यवस्था बनाई गई है. कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग की है.
इसके साथ ही इसने आराेप लगाया कि केंद्र सरकार और चुनाव आयाेग ने इस कथित गड़बड़ी पर कार्रवाई नहीं की.
कांग्रेस ने इस गणित काे समझाया है कि कैसे बीजेपी की ‘सी टीम’ टैक्स चाेरी कर रही है और कैसे गैर पंजीकृत राजनीतिक दलाें काे चंदे की व्यवस्था की जा रही है. कांग्रेस मुख्यालय में आयाेजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में पार्टी के वरिष्ठ नेता शक्तिसिंह गाेहिल ने कहा कि देश का आम नागरिक ईमानदारी से टैक्स देता है, लेकिन कुछ बड़े काराेबारी और ज़्यादा आय वर्ग के लाेग राजनीतिक चंदे का इस्तेमाल करके टैक्स से बच रहे हैं.
गाेहिल ने कहा कि जिन लाेगाें की सालाना आय 5 कराेड़ रुपये से अधिक हाेती है, उन्हें आयकर, सरचार्ज और हेल्थ एंड एजुकेशन सेस मिलाकर लगभग 42.7 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ता है. लेकिन कुछ लाेग राजनीतिक दलाें काे चंदा दिखाकर इस टैक्स से बच निकलते हैं. गाेहिल ने आराेप लगाया कि यही लाेग बीजेपी की कथित ‘सी टीम’ हैं, जाे इस व्यवस्था का फायदा उठा रही है. कांग्रेस का कहना है कि आयकर कानून की धारा 80 जीजीसी के तहत काेई भी व्यक्ति यदि किसी पंजीकृत राजनीतिक दल काे चंदा देता है ताे उस राशि पर टैक्स छूट मिलती है. इसी तरह कंपनियाें के लिए धारा 80 जीजीसी के तहत राजनीतिक दलाें काे दिए गए चंदे पर कर छूट का प्रावधान है.
गाेहिल ने आराेप लगाया कि इसी प्रावधान का दुरुपयाेग करते हुए हजाराें ऐसे राजनीतिक दलाें काे चंदा दिखाया गया जाे चुनाव में लगभग काेई सक्रिय भूमिका नहीं निभाते. उन्हाेंने कहा, ‘देश में 3,260 पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं. इनमें क़रीब 10 हजार कराेड़ रुपये का चंदा दिखाया गया. सवाल यह है कि जिन दलाें का एक भी उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ता, उन्हें आखिर इतना पैसा काैन दे रहा है और यह पैसा कहां जा रहा है?’ कांग्रेस ने दावा किया कि अगस्त 2025 में आई ईडीआर रिपाेर्ट के बाद केंद्र सरकार के पास कार्रवाई का पर्याप्त आधार था, लेकिन काेई कठाेर क़दम नहीं उठाया गया. गाेहिल ने कहा कि सरकार ने केवल कथित ताैर पर यह कहा कि जिन लाेगाें का दावा गलत पाया जाए, उन्हें टैक्स छूट का लाभ न दिया जाए. जबकि क़ानून के मुताबिक़ ऐसे मामलाें में भारी जुर्माना और आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है.