'हरित सेतु' प्रोजेक्ट ने स्वर्ग जैसे प्राधिकरण को नर्क बनाया

नागरिकों ने योजना का किया कड़ा विरोध : कहा- प्रोजेक्ट में नियमों की सरासर अनदेखी की जा रही

    11-Sep-2026
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निगड़ी, 10 सितंबर (आ.प्र.)
निगड़ी के ‘हरित सेतु’ प्राेजे्नट ने स्वर्ग जैसे प्राधिकरण काे नरक बना दिया है. यह आराेप नागरिकाें ने किया. नागरिकाें ने याेजना का कड़ा विराेध करत हुए कहा, प्राेजे्नट में नियमाें का पालन नहीं किया गया. सड़कें संकरी हाेने से पैदल चलने वालाें, साइकिलचालकाें काे भारी परेशानी हाेगी. यह भी आराेप लगाया कि बड़े-बड़े फुटपाथाें पर ‘टपरी राज’चल रहा और धडल्ले से अतिक्रमण किया जा रहा. पूरे प्राेजे्नट में पैसाें की फिजूलखर्ची हाे रही.
 
निगड़ी प्राधिकरण इलाके में मनपा द्वारा चलाए जा रहे ‘हरित सेतु’ (ग्रीन ब्रिज) प्राेजेक्ट के कारण सड़कें संकरी हाे जाएंगी और फुटपाथ बड़े हाे जाएंगे. इससे ट्रैफिक जाम हाेगा, यह दावा करते हुए इस प्राेजेक्ट काे बंद करने की मांग के लिए स्थानीय नागरिक लामबंद हाे गए हैं. पैदल चलने वालाें, साइकिलचालकाें और सार्वजनिक परिवहन का उपयाेग करने वालाें सहित नागरिकाें की जरूरताें काे पूरा करन मिनपा ने हरित सेतु प्राेजेक्ट हाथ में लिया है. पहले चरण में निगड़ी, प्राधिकरण में यह प्राेजेक्ट लागू किया जा रहा है. पांच स््नवे. किमी क्षेत्र में 20.20 किमी लंबी कंक्रीट की सड़कें बनाई जाएंगी. दाेनाें तरफ दाे मीटर के फुटपाथ, 1.8 मीटर के साइकिल ट्रैक और दाे मीटर की समानांतर पार्किंग बनाई जानी हैं. इसका काम जारी है.
 
हालांकि, इस प्राेजेक्ट का स्थानीय लाेग जमकर विराेध कर रहे हैं. इस हरित सेतु प्राेजेक्ट काे रद्द करने की मांग ने जाेर पकड़ लिया है. फिलहाल प्रायाेगिक ताैर पर लगभग साै मीटर लंबी सड़क विकसित की गई है. इसमें पैदल चलना, साइकिल चलाना और बारिश के पानी के प्रबंधन से जुड़ी नई शहरी नीतियाें काे शामिल किया गया है. इसमें वृक्ष संरक्षण पर जाेर दिया जा रहा है. निगड़ी के 20 किलाेमीटर के दायरे में रहने वाला नागरिक 15 मिनट में किसी भी जगह पहुंच सके, इसके लिए गलियाें की अंदरूनी सड़काें की मरम्मत, साइकिल मार्ग और फुटपाथ विकसित किए जाएंगे. छायादार पेड़ लगाकर कुछ जगहाें पर शेड लगाए जाएंगे और पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी.
 
हालांकि, आराेप लगाया जा रहा है कि नागरिकाें की भावनाओं का ध्यान रखे बिना यह प्राेजेक्ट थाेपा जा रहा है. नागरिकाें की जरूरताें के अनुसार काेई काम न करके, अनावश्यक हरित सेतु जैसे खर्चीले प्राेजेक्ट काे अंजाम दिया जा रहा है. इसके कारण सभी सड़काें पर ट्रैफिक जाम, पार्किंग में परेशानी, अवैध फेरीवालाें का अतिक्रमण और पेड़ाें की कटाई जैसी समस्याएं पैदा हाे रही हैं. इस इलाके में रेलवे स्टेशन, बड़े स्कूल, काॅलेज और राज्य व केंद्र सरकार के अलावा मनपा के कई दफ्तर हैं. दिनभर स्कूली छात्राें, वरिष्ठ नागरिकाें और कामकाजी लाेगाें की भारी आवाजाही रहती है. माैजूदा सड़कें पहले से ही छाेटी पड़ रही हैं. इस इलाके में हरित सेतु प्राेजेक्ट बने, ऐसी किसी की मांग नहीं थी. नागरिकाें की जरूरताें, ट्रैफिक की माैजूदा स्थिति और इलाके की बनावट पर काेई विचार नहीं किया गया; वहीं यह खर्चीला और अनावश्यक प्राेजेक्ट जबरदस्ती लागू किया जा रहा है.