छात्रों को स्किल डेवलप करना होगा : राज्यपाल
पुणे यूनिवर्सिटी के 127वें दीक्षांत समारोह में मार्गदर्शन करते हुए जिष्णु देव वर्मा ने कहा
11-Sep-2026
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गणेशखिंड, 10 सितंबर (आ.प्र.) महाराष्ट्र के राज्यपाल एवं कुलाधिपति जिष्णु देव वर्मा ने सावित्रीबाई फुले पुणे वेिशविद्यालय से शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से वेिशस्तरीय शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित होने का आह्वान किया. वे वेिशविद्यालय के 127वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर कुलगुरु प्रा. सुरेश गोसावी, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, प्र-कुलगुरु प्रा. डॉ. पराग काळकर, कुलसचिव प्रा. डॉ. प्रफुल्ल पवार तथा प्रबंधन परिषद के सदस्य उपस्थित थे. राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालित तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल तकनीक के कारण दुनिया तेजी से बदल रही है. ऐसे में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आजीवन सीखने की प्रवृत्ति अपनाते हुए नई- नई कौशलों को विकसित करना होगा. उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि समानता, सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में वेिशविद्यालय की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई्. उन्होंने कहा कि दुबई, सऊदी अरब और कजाकिस्तान के साथ शैक्षणिक साझेदारी वेिशविद्यालय के वैेिशक विस्तार को नई गति दे सकती है. कुलगुरु प्रा. सुरेश गोसावी ने वेिशविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि वेिशविद्यालय से संबद्ध 859 महाविद्यालयों और संस्थानों में साढ़े सात लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. उन्होंने कहा कि वेिशविद्यालय ज्ञान सृजन को प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर समाज, गांव, खेत और अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा है. ज्ञान सृजन, अनुसंधान, जनोन्मुखी तकनीक, कौशल विकास, डिजिटल परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से वेिशविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प भी उन्होंने व्यक्त किया.