नई दिल्ली, 10 सितंबर (वि.प्र./वार्ता)
पैकेज्ड फूड पर चेतावनियाें में देरी पर सुप्रीम काेर्ट भडक गया. ऋडडअख काे कड़ी फटकार लगाते हुए, कार्रवाई में देरी पर नाराजी जतायी. सुप्रीम काेर्ट ने पैकेज्ड फूड पर चेतावनी लेबल काे लेकर एफएसएसएआई से नाराजगी जताई है.
काेर्ट ने पूछा है कि पैकेजिंग पर चेतावनी में देरी क्याें हाे रही है. अदालत ने इस मामले में और जानकारी मांगी है. साथ ही यह भी पूछा गया कि नमक और साेडियम की मात्रा काे लेकर चेतावनी काे लेकर क्या फैसला हुआ है. सुनवाई के दाैरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत काे बताया कि पहले हुई बैठक में स्टेकहाेल्डर्स के साथ एफएसएसएआई ने कुछ बाताें पर सहमति जताई थी, लेकिन अब वह अपनी बात से पलट गया है. वकील ने कहा कि आज एफएसएसएआई ने पूरी तरह यू टर्न ले लिया है, जाे पहले तय हुआ था उससे अलग रुख अपना लिया है. इस मामले में सीनियर एडवाेकेट मनिंदर सिंह ने अदालत में अपनी दलील रखी. उन्हाेंने बताया कि आईसीएमआर की गाइडलाइंस में दाे श्रेणियां तय की गई हैं.
उन्हाेंने सुझाव दिया कि खाने की चीजाें की जांच खास शर्ताें के आधार पर हाेनी चाहिए. यानी टेस्टिंग साै ग्राम की मात्रा पर और साथ ही हर सर्विंग की मात्रा पर भी हाेनी चाहिए, ताकि उपभाेक्ता काे सही जानकारी मिल सके. जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि अदालत ने भी इस विषय पर अपने स्तर पर अध्ययन किया है. उन्हाेंने बताया कि आज इस मामले में आदेश पारित किया जाएगा, जाे शाम तक या फिर कल तक अपलाेड हाे जाएगा.