सामान्य डायालाेस्टिक रक्तचाप पारा 60 से 80 मि.मि. के बीच हाेता है, सामान्य रक्तचाप 120/80 हाेना चाहिए. इस स्थिति काे डाॅक्टर ‘हाइपरटेंशन’ कहते हैं. यह समस्या आगे चलकर हार्ट अटैक, स्ट—ाेक तथा अन्य संभावित रूप से घातक बीमारियाें का कारण बन सकता है. अगर आपकाे हाई ब्लड प्रेशर हाेने की पुष्टि हाेती है ताे ऐसे में भविष्य में गंभीर हाे सकने वाली समस्याओं से बचने के लिए आपकाे उचित डाॅक्टरी मदद व जीवनशैली में आवश्यक बदलाव करने चाहिए.
नमक व साेडियम का उपयाेग करें कम ः ब्लड प्रेशर काे नियंत्रण में रखने के लिए नमक का सेवन कम करना चाहिए. दिन भर में एक छाेटी चम्मच से अधिक नमक आपके लिए अच्छा नहीं. ास्ट ूड में साेडियम की मात्रा काी अधिक हाेती है इसलिए उनका सेवन भी कम करें.
एल्काेहल से दूरी भली ः अगर आप शराब पीते हैं ताे इसे बंद कर दें. शराब के सेवन से रक्त चाप की समस्या काे और अधिक उत्तेजना मिलती है.
शराब का अधिक सेवन रक्तचाप ही नहीं, बल्कि गुर्दे व शरीर के अन्य अंगाें काे भी नुकसान पहुंचाता है.
नियमित व्यायाम कीजिए ः स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम बेहद जरूरी है. राेजाना कम से कम 30 मिनिट का व्यायाम अवश्य करना चाहिए.
यदि काेई राेग या समस्या से ग्रस्त हैं ताे डाॅक्टर से सलाह लें कि आपके लिए किस तरह का व्यायाम उचित है. वजन काे नियंत्रित करें ः बढ़ा हुआ वजन रक्तचाप की अनियमितता का एक प्रमुख कारण है. यदि आपका वजन अधिक है ताे व्यायाम, नियंत्रित भाेजन प्रणाली आदि की मदद से आप अपने अधिक वजन काे नियंत्रित कर सकते हैं.
पाैष्टिक भाेजन करें ः भाेजन करते समय सदैव ध्यान रखें कि वह हृदय या स्वास्थ्य के लिए खतरनाक ताे नहीं है. कम काेलेस्ट्राॅल वाला भाेजन खायें और संतृप्त वसा से भी परहेज करें. ास्ट ूड जैसे पिज्जा, बर्गर, हाॅट डाॅग्स और सेंडविच इत्यादि ना खायें. धूम्रपान या तम्बाकू का सेवन करने से रक्त चाप के बिगड़ने की संभावनाएं बहुत बढ़ जाती हैं. यही नहीं धूम्रपान व अन्य किसी भी प्रकार के तम्बाकू का सेवन कैंसर और इस जैसी अनेक बीमारियाें का कारण बनता है.
इसलिए तम्बाकू और धूम्रपान का सेवन न करें.