पिंपरी, 11 सितंबर (आ.प्र.)
नागरिकाें की मूलभूत सुविधाओं पर कराेड़ाें रुपये खर्च करने वाले मनपा प्रशासन के कामकाज की कमियां अब श्मशान घाटाें तक पहुंच गई हैं. ताथवड़े, चिखली, नेहरूनगर और माेरवाड़ी स्थित श्मशान घाटाें के निरीक्षण के दाैरान पीने का पानी, शाैचालय, चेंजिंग रूम, साफ-सफाई, पर्याप्त राेशनी, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियाें के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसी कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव पाया गया.
कुछ जगहाें पर कचरा और घास फैली हुई पाई गई, ताे कुछ स्थानाें पर विद्युत शवदाह गृह (इलेक्ट्रिक क्रिमेटाेरियम) बंद पाया गया.
इसे देखते हुए नगरसेविका शैलजा माेरे ने मनपा प्रशासन से तत्काल ये सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है. शहर के श्मशान घाटाें में मूलभूत सुविधाएं न मिलने काे लेकर नागरिकाें की शिकायतें बढ़ रही थीं. पूर्व उपमहापाैर शैलजा माेरे ने मनपा के सभागृह में इस मुद्दे काे मजबूती से उठाया था और प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई थी. हालांकि, जब यह बात सामने आई कि प्रशासन नागरिकाें की भावनाओं और उनकी बुनियादी जरूरताें काे गंभीरता से नहीं ले रहा है, ताे नगरसेविका माेरे ने खुद श्मशान घाटाें की वास्तविक स्थिति जानने का फैसला किया.
इस निरीक्षण के दाैरान नगरसेविका ने माेरवाड़ी, नेहरूनगर, टालगांव-चिखली, ताथवड़े और माेशी स्थित श्मशान घाटाें की स्थिति का जायजा लिया. विभिन्न स्थानाें पर पाई गई गंदगी, अपर्याप्त सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था के अभाव और रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही काे देखकर उन्हाेंने गहरा गुस्सा व्यक्त किया.
नगरसेविका ने यह भावना व्यक्त की कि यदि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील स्थान पर भी नागरिकाें काे आवश्यक मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.