बाजीराव पेशवा का इतिहास युवाओं को सही तरीके से नहीं पढ़ाया गया

    12-Sep-2026
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कोथरुड, 11 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

थोरले बाजीराव पेशवा का इतिहास स्कूली छात्रों को पढ़ाया ही नहीं गया. यह इतिहास कहां छिपाकर रखा गया है, यह मुझे नहीं पता. अंग्रेजों के जमाने से लेकर आज तक हमने जिन किताबों से इतिहास पढ़ा, उनमें हमने अंग्रेजों और मुगलों का इतिहास पढ़ा. इंग्लैंड का पूरा इतिहास पढ़ाया गया, लेकिन बाजीराव पेशवा का इतिहास जिस तरह पढ़ाया जाना चाहिए था, उस तरह नहीं पढ़ाया गया, यह दुख राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने व्यक्त किया. वे ‌‘थोरले बाजीराव पेशवा शौर्य पुरस्कार 2026‌’ के समर्पण समारोह में बोल रहे थे. श्रीमंत थोरले बाजीराव पेशवा की 326वीं जयंती के अवसर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस वर्ष थोरले बाजीराव पेशवा प्रतिष्ठान की ओर से यह पुरस्कार एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ को राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के हाथों प्रदान किया गया. कोथरूड स्थित बाल शिक्षण मंदिर (एमईएस सभागार) में आयोजित इस कार्यक्रम में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) भूषण गोखले, पेशवा के वंशज पुष्करसिंह पेशवा, बेलराइज इंडस्ट्रीज लिमिटेड की कार्यकारी निदेशक सुप्रिया बड़वे, मुख्य वक्ता डॉ. आदित्य अभ्यंकर, प्रतिष्ठान के सचिव कुंदनकुमार साठे, श्रीकांत नगरकर, मोरेश्वर गांगल, उमेश देशमुख और चिंतामणी क्षीरसागर उपस्थित थे. पूर्व वायु सेना प्रमुख (एयर चीफ मार्शल) बीरेंद्र सिंह धनोआ ने अपने संबोधन में कहा हमारे देश में सैन्य कमांडरों के बारे में कुछ भी नहीं पढ़ाया गया.