अवैध माथाड़ी कामगारों की फिरौती से टाइल्स व मार्बल व्यापारी परेशान

कामगार मंत्री आकाश फुंडकर से लगाई गुहार; जल्द नई नीति लाने का दिया ओशासन

    12-Sep-2026
Total Views |

daf
मुंबई, 11 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

 मुंबई और मुंबई महानगरीय क्षेत्र (एमएमआर) के मार्बल, टाइल्स और ग्रेनाइट व्यापारी लंबे समय से अवैध माथाडी कामगारों की रंगदारी और जबरन वसूली से त्रस्त ह्‌ैं‍. व्यापारियों का आरोप है कि माल से भरे ट्रक या टेम्पो के आते ही माथाडी कामगार आकर धमकाने लगते हैं और जब तक पैसे न मिलें, गाड़ी खाली नहीं करने देते. पैसा न देने पर माल उतारने से रोक दिया जाता है. इस गंभीर मुद्दे को लेकर विले पार्ले मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र भंडारी ने हाल ही में महाराष्ट्र के कामगार मंत्री आकाश फुंडकर से मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया. बोरीवली- दहिसर स्टोन डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, पारसनाथ एक्सपोर्ट के गौतम ओस्तवाल और सालासर मार्बल के संजय अग्रवाल सहित कई व्यापारियों (अरविंद जैन, नीलेश मेवाडा, शैलेश जैन, जयेश जाजू) ने कहा कि मार्बल और टाइल्स की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित (ट्रेन) मजदूरों की आवश्यकता होती है. साधारण माथाडी कामगारों से काम कराने पर कीमती पत्थरों के टूटने और हादसों का खतरा बना रहता है. ऐसे में व्यापारियों को मजबूरी में दोहरा भुगतान करना पड़ता है.