ईमानदार कर्मचारियों को दी गई कार और बाइक
‘चंदूकाका सराफ ज्वेल्स’ द्वारा 200 वर्षों की समृद्ध विरासत का भव्य जश्न निष्ठावान कर्मचारियों का सम्मान कर उनके योगदान को किया नमन
14-Sep-2026
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मांजरी, 13 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) दो सौ साल पहले जलाई गई वेिशास की एक छोटी सी लौ आज ‘चंदूकाका सराफ ज्वेल्स’ के रूप में एक विशाल वटवृक्ष बन चुकी है. इस वटवृक्ष की छांव में अनगिनत परिवारों की यादें सहेजी गई हैं, हजारों रिश्तों की आत्मीयता को महसूस किया गया है और हर गहने के पीछे विश्वास की एक अनमोल कहानी बुनी गई है. सन 1827 में शुरू हुए ‘चंदूकाका सराफ ज्वेल्स’ ने दो शताब्दियों की अपनी गौरवशाली यात्रा पूरी कर ली है. इस लंबी यात्रा में समय बदला, पीढ़ियां बदलीं, फैशन बदला और आभूषणों के रूप भी बदल गए; लेकिन इन तमाम बदलावों के बावजूद ग्राहकों का विश्वास और शुद्धता की परंपरा हमेशा अटूट रही. इसी अटूट वेिशास, ग्राहकों से जुड़े रिश्ते और 200 वर्षों की समृद्ध विरासत का भव्य जश्न लक्ष्मी लॉन्स (मांजरी) में आयोजित एक शानदार समारोह में मनाया गया. इस समारोह में 200 साल पुरानी परंपरा, वर्तमान की आधुनिकता और भविष्य के नए सपनों का एक सुंदर संगम देखने को मिला. कोई संस्था कितनी भी बड़ी हो जाए, उसकी असली ऊंचाई उसके साथ निष्ठा से चलने वाले लोगों से ही तय होती है. चंदूकाका सराफ ज्वेल्स की 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में संस्थान के लिए अपने जीवन के अनेक वर्ष समर्पित करने वाले निष्ठावान कर्मचारियों का इस अवसर पर विशेष सम्मान किया गया. बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को कार और दोपहिया वाहन, वहीं अन्य कर्मचारियों को चांदी की वस्तुएं भेंट कर उनके योगदान को सलाम किया गया. जिन्होंने अपने जीवन के अमूल्य वर्ष संस्थान को दिए, उनके हाथों में संस्थान ने इस अवसर पर कार और दोपहिया वाहनों की चाबियां सौंपीं- इससे बड़ी कृतज्ञता और क्या हो सकती है? भविष्य की दिशा के बारे में बात करते हुए निदेशक सिद्धार्थ शाह ने कहा, दो सौ वर्षों की शुद्धता और वेिशास की परंपरा को हम आगे ले जाएंगे; लेकिन अब बेहतरीन और नए डिजाइन के आभूषणों के लिए भी ‘चंदूकाका सराफ ज्वेल्स’ की एक अलग पहचान बनानी है. अगले दो सौ वर्षों के लिए यही हमारी प्रतिबद्धता है. सिस्टम अब आपकी मुट्ठी में का दृष्टिकोण सामने रखते हुए निदेशक आदित्य शाह ने व्यवसाय में नई तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया. बदलते समय के अनुसार ग्राहकों को और अधिक आसान, तेज और ग्राहक-केंद्रित सेवाएं किस प्रकार उपलब्ध कराई जा सकती हैं, इस बारे में अपनी सोच उन्होंने उपस्थित लोगों के सामने रखी. इस ऐतिहासिक समारोह में निदेशक अतुल शाह और संगीता शाह के साथ आदित्य शाह, दामिनी शाह, सिद्धार्थ शाह और अंकिता शाह मौजूद थे. साथ ही कर्मचारियों, परिजनों, शुभचिंतकों और सहयोगियों ने एक साथ आकर इस खास पल को और भी यादगार बना दिया. गौरतलब है कि चंदूकाका सराफ ज्वेल्स ने पुणे के साथ-साथ महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी अपनी शाखाओं का विस्तार किया है. जल्द ही मध्य प्रदेश के खंडवा में भी इस ज्वेलरी शोरूम की नई शाखा शुरू होने जा रही है.
अपनेपन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी बेहतरीन तड़का महाराष्ट्र के व्यावसायिक जगत में कर्मचारियों की निष्ठा को इस अनोखे अंदाज में सराहने वाला यह सम्मान बेहद खास रहा. यह गौरव केवल उपहारों तक सीमित नहीं था; यह था कड़ी मेहनत का सम्मान, निष्ठा का आदर और आप हमारे हैं के अपनेपन की एक जीती-जागती मिसाल. इस सम्मान समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी बेहतरीन तड़का लगा, जिससे पूरे माहौल में उत्साह, आनंद और अपनेपन की भावना और अधिक निखर कर सामने आइ
200 वर्षों में हमारे ग्राहकों का भरोसा कभी नहीं बदला
इस अवसर पर निदेशक अतुल शाह ने कहा, समय बदला, पीढ़ियां बदलीं, आभूषणों के रूप और डिजाइन बदले; लेकिन चंदूकाका सराफ ज्वेल्स पर ग्राहकों का भरोसा कभी नहीं बदला. दो सौ वर्षों की यह यात्रा केवल हमारी नहीं है, बल्कि यह हमारे ग्राहकों और हमारे साथ मजबूती से खड़े रहने वाले हर कर्मचारी की है.