बुधवार पेठ, 14 सितंबर (आ.प्र.) गणपति बाप्पा मोरया... मंगलमूर्ति मोरया... के जयघोष के बीच श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट के गणपति बाप्पा सोमवार, 14 सितंबर की सुबह ‘प्रेम मंदिर’ में विराजमान हुए. गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सुबह 11 बजकर 11 मिनट पर उत्सव के पारंपरिक स्थल ‘जय गणेश प्रांगण’ में वृंदावन (उत्तर प्रदेश) के श्री राधावल्लभ मंदिर के 18वें तिलकायत अधिकारी श्रीहित मोहितमराल गोस्वामीजी महाराज के कर-कमलों द्वारा श्री गणेशजी की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई. मुख्य पूजा से पहले, सुबह मंदिर से फूलों से सजे हुए मयूर रथ में बाप्पा की यात्रा निकली. श्री गणेश के इस मनमोहक आगमन समारोह को देखने के लिए हजारों भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह 8.30 बजे शुरू हुई इस यात्रा में ‘गंधाक्ष’ ढोल-ताशा पथक, मयूर बैंड, प्रभात बैंड और दरबार बैंड शामिल हुए थे. मुख्य मंदिर से आगे बढ़ते हुए अप्पा बलवंत चौक, शनिपार चौक और तिलक पुतला मंडई मार्ग से होती हुई यह यात्रा उत्सव मंडप पहुंची. श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल के तत्वावधान में इस वर्ष ट्रस्ट का 134वां गणेशोत्सव मनाया जा रहा है. इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने, उपाध्यक्ष डॉ. रामचंद्र उर्फ बालासाहेब परांजपे, उपाध्यक्ष माणिक चव्हाण, कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी, महासचिव एवं विधायक हेमंत रासने, सह-सचिव अमोल केदारी, उत्सव प्रमुख अक्षय गोडसे, ट्रस्टी रोहित लोंढे, पराग वांबुरे, राजेंद्र गावडे और सुवर्णयुग तरुण मंडल के अध्यक्ष प्रकाश चव्हाण सहित सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.
ऋषि पंचमी पर 35 हजार महिलाएं करेंगी अथर्वशीर्ष का पाठ
ऋषि पंचमी के अवसर पर, हर साल की तरह इस मंगलवार, 15 सितंबर को सुबह 6 बजे, लगभग 35 हजार महिलाएं सामूहिक रूप से अथर्वशीर्ष का पाठ करेंगी. इसके साथ ही, रात 10 बजे से 12 बजे तक ‘हरि जागर’ के माध्यम से महाराष्ट्र के वारकरी बंधु भगवान श्री गणेश के चरणों में वारकरी भजन-कीर्तन की सेवा अर्पित करेंगे.