पुणे, 14 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) देश जब स्वतंत्र हुआ था तब देश की आबादी 35 करोड़ थी, आज जनसंख्या बढ़ गई है, लेकिन जमीन उतनी ही है. खेती के लिए जमीन कम पड़ रही है. पारंपरिक खेती प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार देने में सक्षम नहीं है, इसलिए पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय महाराष्ट्र में विभिन्न व्यवसायों और उद्योगों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. तभी महाराष्ट्र आने वाले समय में तेज गति से प्रगति कर सकेगा. यह मत पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने व्यक्त किया. मराठा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के अंतरराष्ट्रीय एक्स्पो 2027 प्रदर्शनी के ब्रोशर का विमोचन रविवार को शरद पवार के हाथों किया गया. इस अवसर पर विधायक रोहित पवार, असोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम गायकवाड, पूर्व अध्यक्ष अंकुश आसबे, अरुण निमन, सई पाटील, सायली काळे, कोषाध्यक्ष राजेश कुराडे सहित अन्य उपस्थित थे. शरद पवार ने कहा कि यदि उद्योगों का अधिकाधिक विकेंद्रीकरण किया जाए तो उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच सकता है. एक समय मुंबई औद्योगिक राजधानी थी, लेकिन जब यहां उद्योगों की संख्या कम होने लगी तब मैंने राज्य का प्रमुख रहते हुए यह प्रयास किया कि यह शहर आर्थिक राजधानी के रूप में विकसित हो. उसी का परिणाम है कि आज मुंबई देश की आर्थिक राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित है. उद्योग क्षेत्र से जुड़े निर्णय लेते समय राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत होना आवश्यक है. बुनियादी सुविधाएं सक्षम होंगी तभी महाराष्ट्र के उद्योग राज्य से बाहर नहीं जाएंगे और उनसे पैदा होने वाले रोजगार मराठी युवाओं के हाथों से नहीं निकलेंगे. विधायक रोहित पवार ने कहा कि अपर्याप्त बुनियादी सुविधाओं के कारण चाकण के उद्यमी महाराष्ट्र से बाहर जा रहे हैं. हिंजवड़ी में यातायात जाम की समस्या लगातार बनी हुई है. ऐसे में सरकार को बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान देना चाहिए्. व्यावसायिक दृष्टि से महाराष्ट्र में सबसे महंगी बिजली मिलती है, ऐसे में उद्योगों को आकर्षित करना कठिन है. डेटा सेंटर का अर्थ केवल निवेश नहीं होता. दो हजार करोड़ रुपये के डेटा सेंटर में केवल 200 लोगों को रोजगार देने की क्षमता होती है. महाराष्ट्र में विदेशी निवेश आए तो उसका लाभ राज्य के उद्योग और व्यवसायों के विकास के लिए होना चाहिए. तभी सही अर्थों में महाराष्ट्र के युवा रोजगारक्षम और उद्योगक्षम बन सकेंगे. विक्रम गायकवाड़ ने कहा कि महाराष्ट्र में 35 प्रतिशत की बड़ी आबादी वाला मराठा समाज उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में केवल एक से दो प्रतिशत तक सीमित है. इस स्थिति को बदलने के लिए मराठा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन कार्यरत है. मराठी युवाओं में नौकरी करने के बजाय उद्योग और व्यवसाय बढ़ाने की मानसिकता कैसे विकसित की जाए, इस दिशा में हम काम कर रहे हैं. इसके लिए 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को एक लाख रुपये की औद्योगिक छात्रवृत्ति दी जाएगी. इससे युवा उद्यमियों के निर्माण में निश्चित रूप से मदद मिलेगी. इस अवसर पर असोसिएशन के अहिल्यानगर चाप्टर का उद्घाटन भी शरद पवार के हाथों किया गया. असोसिएशन के बिजनेस एक्स्पो को सफल बनाने में सहयोग करने के लिए गणेश सातपुते, रवि घाटे, दिपाली चव्हाण, मोनिका बढाया, निलेश चव्हाण, विनोद जाधव, जगदीश कदम, विलास यादव, सागर यादव, राजू भिसे, महेश भागवत, सचिन खाटपे, चंद्रकांत गायकवाड, सुहास आदमाने, अंकुश आजबे, तेजराज पाटिल, विक्रम गायकवाड, रोहन बिल्डर्स, मोहर ग्रुप डिजिटल डैम, जवाहर चोरगे, सतीश कोकाटे, मधुकर चोरगे, योगेश पासलकर, अजयसिंह देसाई और पी.एन.गाडगिल का सम्मान किया गया.