नई दिल्ली, 16 सितंबर (वि.प्र./वार्ता)
देश के कई राज्याें में मानसून की भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हाे गया है. बिहार के 15 जिलाें की 575 पंचायताें में करीब 50 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है. कटिहार में सरकारी स्कूल और काेचिंग सेंटर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं. बच्चे नाव में बैठकर पढ़ रहे हैं. प्रदेश के 26 जिलाें बारिश का यलाे अलर्ट है. आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है.
उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की वजह से बड़ी आबादी संकट में है. बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड में माैसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. बिहार के 15 जिलाें की 575 पंचायताें में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं, जहां करीब 50 लाख लाेग बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं. माैसम विभाग ने बिहार के 26 जिलाें में यलाे अलर्ट जारी किया है. इस दाैरान 30 किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. वहीं, पटना समेत आसपास के क्षेत्राें में माैसम सामान्य रहने का अनुमान है. इस आपदा के बीच भाेजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकाें का दाैरा कर पीड़िताें के बीच राहत सामग्री बांटी.
यूपी में बारिश से नदियां उफान पर हैं. 26 जिलाें में बाढ़ के हालात हैं. करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित है. वहीं, लखीमपुर में शारदा नदी का कटान तेज हाेने से 24 घंटे में 7 मकान नदी में समा गए हैं. उत्तराखंड के पिथाैरागढ़ के आदि कैलाश मार्ग पर दाेबाट में लैंडस्लाइड से सड़क फिर बंद हाे गई. रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियाें काे हेलमेट पहनाकर भेजा जा रहा है. चार दिन पहले लैंडस्लाइड में कई घाेड़े-खच्चर मारे गए थे.
रास्ते में पड़े शवाें से बदबू और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें सामने आ रही हैं. राजस्थान के 26 जिलाें में 17 सितंबर तक बारिश का यलाे अलर्ट है. मंगलवार काे अजमेर, पाली समेत कुछ अन्य जिलाें में हल्की से मध्यम बारिश हुई. वहीं, मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकाें में 17 से 19 सितंबर तक और 18 से 21 सितंबर तक पूर्वी हिस्से में बारिश हाे सकती है. वहीं, पटना समेत आसपास के क्षेत्राें में माैसम सामान्य रहने का अनुमान है. इस आपदा के बीच भाेजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकाें का दाैरा कर पीड़िताें के बीच राहत सामग्री बांटी.