भारत फोर्ज और प्रैट एंड विटनी विमान बनाएंगे

स्वदेशी मानवरहित हवाई प्रणालियों के विकास के प्रयासों को मिलेगा बढ़ावा

    17-Sep-2026
Total Views |
 
vdsf
पुणे, 16 सितंबर (आ.प्र.)

भारत फोर्ज और प्रैट एंड व्हिटनी कनाडा ने कहा कि वे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक कार्यक्रम के तहत डिजाइन और विकसित किए जा रहे एचएएलई मानव रहित विमान (यूएवी) में उन्नत टर्बोप्रॉप इंजन के इस्तेमाल की संभावनाओं का आकलन करेंगे. प्रैट एंड व्हिटनीफ अमेरिका स्थित आरटीएक्स एक उपक्रम है. यह सहयोग सरकार की ‌‘आत्मनिर्भर भारत‌’ पहल के तहत भारत में स्वदेशी मानवरहित हवाई प्रणालियों के विकास के प्रयासों को बढ़ावा देगा. एचएएलई यूएवी जमीन और समुद्री क्षेत्रों में लंबे समय तक निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और टोह लेने के अभियान संचालित करने में सक्षम होते हैं. भारत फोर्ज लिमिटेड के उपाध्यक्ष और संयुक्त प्रबंध निदेशक अमित कल्याणी ने कहा प्रैट एंड व्हिटनी की दुनिया भर में प्रमाणित प्रणोदन तकनीक को भारत फोर्ज की इंजीनियरिंग और प्रणालियों के एकीकरण से जुड़ी विशेषज्ञता के साथ मिलाकर हमारा लक्ष्य वेिशस्तरीय एचएएलई मंच के विकास में सहयोग करना है, जो भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता और रक्षा तैयारियों को मजबूत करेगा. प्रैट एंड व्हिटनी के उपाध्यक्ष और भारत प्रमुख आशीष सराफ ने कहा भारत फोर्ज के साथ यह सहयोग भारत की एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं में सहयोग देने की कंपनी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने कहा, प्रैट एंड व्हिटनी कनाडा के टर्बोप्रॉप इंजन कठिन परिचालन परिस्थितियों में अपनी वेिशसनीयता साबित कर चुके हैं. भारत के एचएएलई कार्यक्रम के लिए ठीक ऐसी ही क्षमता की जरूरत है.