नई दिल्ली, 16 सितंबर (वि.प्र.)
जापान में 19 सितंबर से शुरू हाेने वाले एशियाई खेलाें में भारत के 501 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. भारतीय खिलाड़ियाें की तैयारी पर पिछले तीन वर्षाें में प्रशिक्षण, उपकरण सहायता तथा काेच और विशेषज्ञाें की नियुक्ति पर 702 कराेड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं. भारत के दल में इस बार 310 खिलाड़ी ऐसे हैं, जाे पहली बार एशियाई खेलाें में हिस्सा लेंगे, यह बात खेल मंत्रालय ने स्पष्ट की है.
मंत्रालय की महत्वाकांक्षी टारगेट ओलंपिक पाेडियम याेजना (टाॅप्स) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एन. एस. जाेहल ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियाें ने मजबूत प्रदर्शन के लिए जरूरी लय हासिल कर ली है और वे पिछले हांगझाेउ एशियाई खेलाें में हासिल किए गए देश के सर्वश्रेष्ठ 106 पदकाें के प्रदर्शन की बराबरी या उससे बेहतर करने की स्थिति में हैं. जाेहल ने कहा, विभिन्न खेलाें में अच्छी लय बनी हुई है. दल में बड़ी संख्या में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी हैं और टाॅप्स के सीईओ के ताैर पर यह मेरे लिए गर्व की बात है.
खेलाें में प्रतिभा काे निखरने में काफी समय लगता है और जब युवा खिलाड़ी कम उम्र में शीर्ष स्तर तक पहुंचने में सफल हाेते हैं ताे यह भविष्य के लिए बहुत अच्छा संकेत है. आइची-नागाेया एशियाई खेलाें में जिन युवा खिलाड़ियाें पर खास नजर रहेगी, उनमें मंत्रालय से वित्तीय सहायता नहीं पाने वाले 15 वर्षीय क्रिकेट प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी, टेबल टेनिस खिलाड़ी सिंड्रेला दास, बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी और हाल में जूनियर विश्व खिताब जीतने वाली 18 वर्षीय स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह शामिल हैं. जूडाे में अस्मिता डे भी आकर्षण का केंद्र हाेंगी, जाे इस खेल में राष्ट्रमंडल खेलाें का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं.
जाेहल ने कहा, इस साल जनवरी से हमने टारगेट एशियाई खेल समूह की नाै समन्वय बैठकें की हैं. हमारा पूरा प्रयास रहा है कि विभिन्न महासंघाें से जुड़ी प्रशासनिक चुनाैतियाें के बावजूद खिलाड़ियाें काे सर्वाेत्तम संभव माहाैल उपलब्ध कराया जाए. सबसे बड़ी बात यह रही कि तमाम चुनाैतियाें के बावजूद खिलाड़ियाें से हमारा ध्यान नहीं हटा. हमारे दल में 65 खिलाड़ी ऐसे हैं, जाे खेलाें के लिए हमारी आधारभूत प्रणाली खेलाे इंडिया से आए हैं.